अंकों के खेल में उलझा अविश्वास प्रस्ताव

Mau Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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मऊ। बड़रांव ब्लाक में अविश्वास प्रस्ताव का मामला अंकों में उलझकर रह गया है। दोनों पक्षों से खींचतान के चलते क्षेत्र पंचायत सदस्यों की पूछ बढ़ गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों पक्षों द्वारा किए गए दावों में एक दो नहीं बल्कि 17 नाम एक ही है। विभाग भी जांच के नाम पर मामले को लटकाए हुए है। हालांकि इस मामले में अविश्वास प्रस्ताव में दिए गए नामों की जांच डीपीआरओ को सौंपी गई है लेकिन अभी तक इसमें अविश्वास के लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं हो पाई है। पूरा मामला अभी भी अंकों में ही उलझा हुआ है।
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बड़रांव ब्लाक में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या 78 है लेकिन एक बीडीसी की मृत्यु हो जाने पर अब 77 ही शेष बचे हैं। ब्लाक प्रमुख संजय सिंह पटेल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का यहां दूसरी बार प्रयास किया जा रहा है। पहले दौर में पूर्व ब्लाक प्रमुख विद्युत प्रकाश यादव ने देवेंद्र सिंह के पक्ष में ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का मामला सौंपा था लेकिन बाद में मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद डाक द्वारा सत्यापन न भेजे जाने के चलते खारिज हो गया। इसके बाद फिर से विद्युत प्रकाश एवं देवेंद्र सिंह ने ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अपने साथ 50 क्षेत्र पंचायत रहने का न सिर्फ दावा किया बल्कि उनके नामों की सूची उन्हीं के हस्ताक्षरयुक्त जिला प्रशासन को सौंपी। इसके बाद ब्लाक प्रमुख संजय सिंह पटेल ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की ठानी और जिला प्रशासन को अविश्वास की तिथि आने से पहले ही 42 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की सूची सौंपकर अपने साथ रहने का दावा किया। इस प्रकार यदि दोनों पक्षों के दावों पर ही गौर किया जाए तो 92 बीडीसी हो गए जब कि कुल संख्या सिर्फ 77 ही है। इस प्रकार अविश्वास प्रस्ताव के लिए एक के पक्ष में 39 क्षेत्र पंचायत ही चाहिए। जिस पक्ष के साथ 39 क्षेत्र पंचायत सदस्य होंगे वही अविश्वास प्रस्ताव की राजनीति में कुर्सी का ताज पाएगा। ब्लाक प्रमुख संजय सिंह पटेल के ज्ञापन एवं दावे सौंपने के बाद जिला प्रशासन अभी तक मूकदर्शक बना हुआ है। हालांकि इस मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई है। इसमें डीपीआरओ एन के सिंह कर रहे हैं लेकिन अभी तक अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कोई विभागीय तिथि निर्धारित नहीं है। प्रभारी सीडीओ आर बी पाल का कहना है कि डीपीआरओ नामों का सत्यापन कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
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