गुरु जी बने सांसद प्रतिनिधि, कैसे पढ़ें बच्चे

Mau Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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मऊ। सरकारी विद्यालयों के गुरुजी जनप्रतिनिधियोें के प्रतिनिधि बनकर जनता और नेताजी की सेवा कर रहे हैं तो भला बच्चों का भविष्य तो गर्त की ओर ही जाएगा ना। नौनिहालों के भविष्य के साथ कुछ ऐसे ही खिलवाड़ कर रहे हैं जिले के परदहां ब्लाक के ठकुरमनपुर गांव के जूनियर हाईस्कूल में तैनात राशिद जमाल। वे राज्यसभा सांसद सालिम अंसारी के प्रतिनिधि का भी कार्य करते हैं। उन्हें इस बारे में तनिक संकोच भी नहीं होता। सांसद के कार्यक्रमों की विज्ञप्तियों पर भी अपने आपको शिक्षक नहीं सांसद प्रतिनिधि लिखते हैं। इन हालात में सहज ही जायजा लगाया जा सकता है कि मास्टरों की किल्लत से जूझ रहे विद्यालय में बच्चे पढ़ेंगे कैसे। मामले को लेकर शिक्षा विभाग भी पूरी तरह से बेखबर है। प्रभारी जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है।
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राज्यसभा सांसद सालिम अंसारी के जिले में तय 20 कार्यक्रमों की 13 जुलाई को जारी प्रेस विज्ञप्ति मेें एक ऐसा हस्ताक्षर युक्त नाम आया कि जिसे देख कर सरकारी कार्य के प्रति उदासीनता को भलीभांति समझा जा सकता है। सांसद के प्रतिनिधि के रूप में अपने आपको प्रस्तुत करके आमजन को उनके कार्यक्रमोें की जानकारी और विज्ञप्ति देेने वाले राशिद जमाल इन दिनोें ठकुरमनपुर गांव के जूनियर हाईस्कूल में सेवा दे रहे हैं। एक तरफ शिक्षा विभाग स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए जूझ रहा है तो वहीं गुरुजी सांसद प्रतिनिधि बनकर उनके कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने में परेशान हैं। मामले के बारे में जब अध्यापक राशिद जमाल से उनके मोबाइल नंबर 9452134680 पर शनिवार की अपराह्न 4.51 बजे बात की गई तो वे बेहिचक अपने आपको सांसद का प्रतिनिधि बता कर 13 जुलाई को जारी विज्ञप्ति पर अपने हस्ताक्षर का होना भी स्वीकार किए। इस बारे में राज्यसभा सांसद सालिम अंसारी से बात की गई तो उन्होंने पहले तो राशिद जमाल के द्वारा ही विज्ञप्ति भेजवाने की बात कही और विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रमों का विवरण भी दिया। लेकिन जब प्रतिनिधि के सरकारी मास्टर होने की याद दिलाई गई तो वे सकपका गए। कहा, नहीं-नहीं वो दूसरा राशिद है और फोन काट दिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनोहर प्रसाद का कहना है कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। मामले के बारे में जब प्रभारी जिलाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा यदि ऐसा है तो यह बेहद गंभीर मामला है। जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। कर्तव्यों में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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