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जिले में पांच सिपाही कर रहे ट्रैफिक कंट्रोल

Mau Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
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मऊ। जनपद को स्थापित हुए 23 वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन अभी भी पुरानी व्यवस्था पर ही जिले की यातायात व्यवस्था संचालित हो रही है। जिले मेें यातायात की व्यवस्था पांच सिपाहियों के कंधे पर संचालित है। ऐसे मेें सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जाम से लोग किस तरह से जूझ रहे होंगे। संसाधन तो उपलब्ध है, मैन पावर की कमी आड़े हाथ आ रही है। ब्रेथ एनालाइज और स्पीड रडार स्टोर रूम की ही शोभा बढ़ा रहे हैं। तीन स्थानोें पर सीसी टीवी कै मरा की मांग अभी भी शासन में लंबित है।
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जिलों मेें यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शासन काफी गंभीर है। लेकिन 23 साल से अभी भी पुरानी व्यवस्था जिले मेें संचालित हो रही है। ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था सिर्फ शहर को ही मिली हुई है। जबकि कोपागंज, घोसी, दोहरीघाट, मधुबन, चिरैयाकोट, मुहम्मदाबाद गोहना जैसे बड़े कस्बों के लिए कोई व्यवस्था नहीं हैं। वीआईपी के आने के दौरान ही सफेद वर्दी के लोगों को दर्शन होते हैं। हालत यह है कि वर्तमान में केवल पांच यातायात सिपाही ही जिले की व्यवस्था को संचालित कर रहे हैं। जबकि ब्रह्मस्थान गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ तिराहा, भीटी और बाल निके तन में ही इनकी तैनाती रह जाती है। ऐसे मेें शेष स्थानों पर लोगों को जाम की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। शहर समेत कस्बों में तेजी के साथ बढ़ रहे आवागमन को देखते हुए यातायात पुलिस की आवश्यकता होने लगी है। संसाधन मेें ब्रेथ एनालाइजर और स्पीड रडार तो हैं, लेकिन स्टोर रूम में बंद पड़े हुए हैं। यातायात उप निरीक्षक संदीप सिंह का कहना है कि उपलब्ध संसाधनोें से व्यवस्था संचालित हो रही है।
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