फरयादी को रसीद नहीं देने पर नपेंगे थानाध्यक्ष

Mau Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
मऊ। अब थाने में फरियादियों को रिसीविंग के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। प्रार्थना पत्र देने के साथ ही फरियादी को रसीद दे दी जाएगी। साथ ही समस्या से संबंधित पुलिस को भी तत्काल जाकर निस्तारण की जानकारी दे दी जाएगी। फरमान को अमल नहीं करने पर सीधे थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के लिए एसपी ने चेताया है।
साथ ही थाने वाली जनता से मित्रवत व्यवहार से पेश आने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अब तक किसी भी मामले में प्रार्थनापत्र लेकर जाने पर बिना मुंशी और दीवान के जी-हजूरी पर बात नहीं बनती थी। अब इस भागदौड़ से शासन की पहल पर फरियादियोें को राहत मिल गई है। सभी थानों को रिसीविंग रसीद उपलब्ध करा दी गई है। प्रार्थनापत्र को पाते ही दीवान और मुुंशी तत्काल रसीद फरियादी को देते हैं। ताकि उसके पास रिकार्ड रहे। रसीद पर यह भी अंकित कर दिया जा रहा है कि क्षेत्र के आरक्षी जाकर समस्या को देखकर निस्तारण करा देेंगे। एसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि इस तरह से मामलों के निस्तारण में भी आसानी हो गया है। मामले भी निपट जा रहे हैं। यदि प्रार्थना पत्र की कोई रसीद नहीं देता है तो सीधे एसओ को जिम्मेदार माना जाएगा तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

दो नेता मिलकर चला रहे देश और पार्टी, यशवंत और शत्रुघ्न सिन्हा ने लगाए आरोप

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में जो-जो वायदे किए थे, वे सभी जुमले साबित हो रहे हैं

20 मई 2018

Related Videos

डेढ़ साल बाद जेल से छूटे ‘मजनूं’ की गांववालों ने की ऐसी बुरी हालत

यूपी के मऊ में एक युवक की इस कदर पिटाई की गई कि वो मौत के मुहाने पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि लड़का डेढ़ साल तक जेल में भी था और जमानत पर छूटा था।

21 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen