गली गली में उड़ रही आचार संहिता की धज्जी

Mau Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
मऊ। राज्य निर्वाचन द्वारा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद आचार संहिता लागू कर दी गई है। साथ ही जिले में धारा 144 भी लागू हैं। लेकिन नगरपालिका और नगर पंचायतों में न तो चुनाव आचार संहिता और न ही धारा 144 का कोई असर दिख रहा है। प्रशासन अभी सिर्फ कागजी तैयारी और कागजी निर्देश की खाना पूर्ति करने में जुटा है। जबकि मुहल्लों में चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ रही हैं।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिए सभी जिलों को पहले ही निर्देश दे दिया है। इसमें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सरकारी संपत्ति पर दीवार लेखन, पोस्टर, पंपलेट, बैनर, होर्डिंग पर न लगाया जाए। यहां तक सरकारी भवनों के बाउंड्रीवाल, साइनबोर्ड, सार्वजनिक सड़क की पटरियों और बिजली के खंभों पर भी बैनर, पोस्टर होर्डिगिं न लगाने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन ने इसका पालन करने के लिए अपने मातहतों को कागजी निर्देश दे दिया है लेकिन नगरपालिका, नगर पंचायत की कोई ऐसी गली या सार्वजनिक स्थान नहीं होगा जहां इसका खुला उल्लंघन न होता हो। यही नहीं प्रशासनिक उदासीनता के चलते प्रत्याशी और उनके समर्थक अभी भी बैनर पोस्टर लगाए जाने का कार्य प्रतिदिन कर रहे हैं। निजी संपत्तियों पर तो बिना पूछ ही अनगिनत प्रत्याशी अपना पोस्टर और झंडा लगा दे रहे हैं। सार्वजनिक संपत्तियों की तो प्रत्याशियों के बैनर होर्डिगिं के प्रयोग में क्षति भी हो रही है। वह उसमें कहीं हथौड़ी से किल्ली मार रहे हैं तो कहीं स्वच्छ बाउंड़ीवालों को बदरंग कर रहे हैं। जबकि आयोग ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए आईपीसी की धारा के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी पीपी सिंह का कहना है कि इलेक्शन पंफ्लेट, पोस्टर को सार्वजनिक संपत्तियों पर लगाया गया पाया गया या चुनाव आचार संहिता उल्लंघन पाया गया तो उसके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। इन्होंने राजनीतिक दलों की बैठक कर वहां भी चेतावनी दी कि चुनाव आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

मामाजी, कृपया जाति को शिक्षा में न लाएं, छात्रों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा

ऐसा अक्सर नहीं होता है कि आप शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण और छात्रों की जाति के आधार पर मुफ्त लैपटॉप जैसी सुविधाएं देने जैसे संवेदनशील विषय पर एक मुख्यमंत्री से सवाल पूछ सकें। 

22 मई 2018

Related Videos

डेढ़ साल बाद जेल से छूटे ‘मजनूं’ की गांववालों ने की ऐसी बुरी हालत

यूपी के मऊ में एक युवक की इस कदर पिटाई की गई कि वो मौत के मुहाने पर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि लड़का डेढ़ साल तक जेल में भी था और जमानत पर छूटा था।

21 मई 2018

Recommended

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen