युवा वैज्ञानिक बनने का सपना टूटा

Mau Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
मऊ। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद आइस्टिन और अब्दुल कलाम जैसी प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्राइमरी के छोटे बच्चों में अक्श निहार रही है। इसके लिए वह प्राइमरी के छोटे बच्चों में युवा वैज्ञानिक बनने की उड़ान भरने के लिए उन्हें प्रोत्साहित भी कर रही है। लेकिन जिले में इसके प्रति जागरूकता न होने पर इच्छुक अभ्यर्थियों को भी उसका अवसर नहीं मिल पा रहा है।
वर्ष 2011 में वर्ष 2010 के प्रतिभाशाली 306 छात्रों को संस्थान द्वारा चयनित कर उन्हें 5000 रुपये प्रति प्रोत्साहन राशि दी गई थी। लेकिन गाेंठा में आयोजित प्रदर्शनी और परीक्षा में सभी छात्र भाग नहीं ले पाए। इसके चलते वंचित 177 छात्र युवा वैज्ञानिक वैज्ञानिक की उड़ान ही नहीं भर सके। संस्थान ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर वंचित छात्रों को एक फिर से अवसर देने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा है।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद द्वारा प्राइमरी से लेकर कक्षा तक के होनहार वैज्ञानिक सोच वाले बच्चों को इन्सपायर अवार्ड उपलब्ध कराती है, ताकि ऐसे बच्चे आगे चलकर एक कुशल वैज्ञानिक बन सके और देश का नाम रोशन कर सके। इसके लिए वह हर जनपदों में छात्रों को आमंत्रित कर विधिवत उन्हें खर्च और प्रोत्साहन राशि तक उपलब्ध कराती है। वर्ष 2010 में अवार्ड के लिए कक्षा छह से 10 तक के छात्रों के लिए अवसर दिया गया था। 306 छात्रों को इसके लिए जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित किया गया था। सभी छात्रों का सेलेक्शन कर उन्हें 5000 रुपये एडवांस दिया गया था।
इनमें 2500 रुपये तैयारी के लिए और 2500 रुपये यात्रा और प्रोजेक्ट पर खर्च करने के लिए दिया गया था। इससे संबंधित जिले के सभी 306 छात्राें को प्रदर्शनी में भाग लेकर अपनी सोच और क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए लिए 29 जनवरी वर्ष 2011 को दोहरीघाट के गोंठा स्थित विद्यालय को सेंटर बनाया गया था। लेकिन छात्रों को सही सूचना की जानकारी न होने और जागरूकता की कमी के चलते महज 129 छात्र ही भाग ले पाए। शेष 177 छात्र प्रदर्शनी में भाग लेने से वंचित हो गए। जिसकी सुधि जिला प्रशासन भी बाद में नहीं ले सका। इस संबंध में 17 अप्रैल को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद ने जिलाधिकारी मऊ को पत्र लिखकर विज्ञान वर्ग के अध्यापकों को संबंधित चयनित छात्रों को फिर से प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर पत्र लिखा है। बीएसए रामचेत का कहना है कि वर्ष 2011 में परीक्षा हुई थी। परीक्षा से वंचित छात्रों को फिर से प्रदर्शनी में भाग लेने संबंधित कोई दिशा निर्देश नहीं मिला। पुन: प्रदर्शनी कराकर बच्चों को अवसर देने की किसी भी जानकारी से उन्होंने इनकार किया।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Mumbai

25 मिनट में तय होगी मुंबई से पुणे की दूरी, अमेरिका का महाराष्ट्र सरकार से करार

यह हाइपरलूप रूट नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जुड़ेगा।

20 फरवरी 2018

Related Videos

यूपी के इस शहर में निकली तिरंगा यात्रा पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान भड़की हिंसा को लेकर हंगामा रुका नहीं था कि मऊ में इसी तिरंगा यात्रा को लेकर बवाल हुआ। यहां पुलिस पर आरोप लगे है उसने तिरंगा यात्रा निकाल रहे कुछ युवकों के साथ मारपीट की।

3 फरवरी 2018

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen