काउंसिलिंग से बाहर होने पर शिक्षकों ने किया हंगामा, लगाया जाम

Agra Bureauआगरा ब्यूरो Updated Sat, 31 Oct 2020 12:24 AM IST
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मथुरा। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत जनपद में विद्यालय आवंटन के लिए शुक्रवार को हुई काउंसिलिंग में 139 शिक्षकों को रोक दिया गया। इससे आक्रोशित शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय के बाहर धौलीप्याऊ सड़क पर जाम लगाकर बीएसए के खिलाफ नारेबाजी की। विभागीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी सड़क से हटे, लेकिन बीएसए कार्यालय पर देर तक हंगामा होता रहा। बीएसए का कहना है कि दस्तावेजों में गड़बड़ी होने पर शिक्षकों को काउंसिलिंग से रोका गया है। इस बीच चयन समिति के सदस्यों ने पात्र शिक्षकों की काउंसिलिंग करवाई।
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जिले में 399 शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर 139 शिक्षकों की काउंसिलिंग रोक दी गई। शुक्रवार को काउंसिलिंग शुरू हुई तो 260 में से 101 को बीएसए दफ्तर पर बुलाया गया। इनमें से 92 शिक्षक काउंसिलिंग के लिए पहुंचे। इसकी जानकारी होने पर बाहर किए गए 139 शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए और काउंसिलिंग में शामिल करने की मांग करने लगे। बाहर किए गए शिक्षकों प्रीति, राजीव, संजीव आदि का आरोप है कि छोटी-मोटी त्रुटि पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। बाद में काउंसिलिंग होने पर उन्हें मनचाहे विद्यालय की जगह शेष बचे विद्यालय से ही संतोष करना पड़ेगा। उन्होंने बीएसएस दफ्तर के कुछ कर्मचारियों पर धांधली करने का आरोप भी लगाया। काउंसिलिंग में डायट प्राचार्य महेन्द्र कुमार सिंह मौजूद रहे।
- हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में दस्तावेजों में गड़बड़ी होने पर 139 अभ्यर्थियों को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इनकी सूची परिषद कार्यालय को भेज दी गई है, उच्चाधिकारियों के निर्देश के मुताबिक ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - वीरपाल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
विद्यालय आवंटन में अनियमितता का आरोप
मथुरा। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने विद्यालय आवंटन में मनमानी का आरोप लगाते हुए चयन समिति को आपत्ति दर्ज करवाई है। संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र सारस्वत ने बताया कि आवंटन हेतु रिक्त विद्यालयों की सूची में नगर निगम क्षेत्र में शामिल विद्यालय भी खोल दिए गए हैं। वहीं, अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों को भी आवंटन हेतु प्रदर्शित किया गया है। जबकि पूर्व में अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में शिक्षक चयन के लिये लिखित परीक्षा करवाई गई थी और उत्तीर्ण शिक्षक आज भी पदस्थापना के लिए इंतजार कर रहे हैं। इन विद्यालयों में नवचयनित शिक्षकों को नियुक्त कर उत्तीर्ण शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष अतुल सारस्वत व महामंत्री ठा. लक्ष्मीनारायण ने कहा कि शिक्षक-छात्र अनुपात को ताक पर रखकर विद्यालय खोल दिए गए हैं। एकल व अधिक संख्या वाले स्कूल शामिल नहीं किए गए हैं तो दूसरी तरफ पर्याप्त शिक्षक वाले विद्यालय का नाम भी सूची में शामिल कर लिया गया है। भविष्य में यदि समायोजन होता है तो वरिष्ठ शिक्षकों को वहां से हटाना पड़ेगा। कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा ने अधिकारियों से सूची की खामियों को दूर करने की मांग की।
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