विज्ञापन

कृषि क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं, पढ़ें एग्रीकल्चर में करियर से जुड़ी हर जानकारी

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 24 Jul 2018 07:43 PM IST
संस्कृति यूनिवर्सिटी
संस्कृति यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
ख़बर सुनें
समय तेजी से बदल रहा है। कुछ साल पहले तक जिस खेती-किसानी की तरफ युवाओं का बिल्कुल रुझान नहीं होता था, वहां आज करियर की असीमित संभावनाएं हैं। कल तक जो युवा पढ़ाई-लिखाई करके डॉक्टरी, इंजीनियरिंग या एमबीए करने की सोचते थे, उनका रुझान अब एग्रीकल्चर की तरह हो रहा है। भारत कृषि प्रधान देश है, भारत सरकार 2022 तक सकल उत्पाद को दोगुना करना चाहती है। कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का उपयोग अब पहले की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यहां करियर की काफी संभावनाएं हैं। यही कारण है कि इन दिनों कृषि महाविद्यालयों में एडमिशन पाने के लिए युवाओं के बीच होड़ लगी है। ब्रज मंडल की जानी-मानी संस्कृति यूनिवर्सिटी ने भी युवाओं के रुझान को देखते हुए अपने संस्थान में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट पर खास जोर दिया है।
विज्ञापन
अगर आप भी कृषि अनुसंधान के क्षेत्र से जुड़कर कृषि वैज्ञानिक या आधुनिक किसान बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास कर बीएससी एग्रीकल्चर या फिर बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स की डिग्री हासिल करनी चाहिए। यह डिग्री एग्रीकल्चर, वेटरनरी साइंस, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, फॉरेस्टरी, हॉर्टीकल्चर, फूड साइंस और होम साइंस में से किसी भी एक विषय में ले सकते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद आप सीधे खेती और इससे संबंधित गतिविधियों से जुड़कर कृषि क्षेत्र में नाम रोशन कर सकते हैं।

आज भी भारत की करीब 70 फीसदी जनसंख्या जीविका के लिए पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि क्षेत्र में पढ़े-लिखे किसानों की सख्त जरूरत है। कृषि क्षेत्र में मार्केटिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में करियर के सुनहरे अवसर हैं। इसके अलावा आप नेशनलाइज्ड बैंकों में बतौर कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण विकास अधिकारी, फील्ड ऑफिसर बनकर भी शानदार करियर बना सकते हैं। इसके साथ ही राज्यों के विभिन्न कृषि विभागों में भी रोजगार के काफी अवसर मौजूद हैं।

इन संस्थानों से एडमिशन लेकर बना सकते हैं सुनहरा करियर देश के ज्यादातर एग्रीकल्चरल कॉलेजों में बीएसी इन एग्रीकल्चर या बीएससी ऑनर्स इन एग्रीकल्चर के अलावा पीजी कोर्स और पीएचडी तीनों स्तरों पर कोर्स उपलब्ध हैं। कुछ यूनिवर्सिटी केवल पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी में दाखिला लेती हैं। जैसे- इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट नई दिल्ली, इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, इजाजतनगर उत्तर प्रदेश आदि में केवल पीजी और पीएचडी कोर्सेज में दाखिला लिया जा सकता है। नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल और इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट में भी तीनों स्तरों पर कोर्स उपलब्ध हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय और इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट कुछ ऐसे संस्थान हैं, जहां आपको इस तरह के अवसर मिल सकते हैं। यहां आप एग्रीकल्चरल फिजिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, प्लांट ब्रिडिंग व जेनेटिक्स जैसे स्पेशलाइज्ड एरिया से जुड़े कोर्सेज में दाखिला ले सकते हैं। एग्रीकल्चर से जुड़े क्षेत्रों में आप मैनेजमेंट कोर्स भी कर सकते हैं जैसे- एग्रीबिजनेस, प्लांटेशन मैनेजमेंट।

एडमिशन के लिए क्या हो योग्यता 
एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट बनने के लिए यह जरूरी है कि आप फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स के अलावा बायोलॉजी विषयों के साथ बारहवीं पास हों और यदि आप एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो आपको बैचलर इन इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी अथवा कम से कम एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करना होगा। यदि आप प्रोफेशल कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं तो इन कोर्सेज में दाखिले के लिए संबंधित विषयों में स्पेशलाइजेशन के साथ-साथ एग्रीकल्चरल साइंस या इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट होना बेहद जरूरी है।

कैसे होता है दाखिला
एग्रीकल्चरल साइंस या इंजीनियरिंग के कोर्सेज में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। कुछ राज्य इंजीनियरिंग, मेडिकल और एग्रीकल्चर कोर्सेज में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेस टेस्ट आयोजित करते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अखिल भारतीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। 

कृषि क्षेत्र में नौकरियों की कोई कमी नहीं
कृषि क्षेत्र में अवसर की कमी नहीं हैं। इससे जुड़े ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च में कौशल दिखाने का अच्छा अवसर है, क्योंकि इस संस्थान के तहत करीब 43 रिसर्च इंस्टीट्यूट, चार नेशनल रिसर्च ब्यूरो, 20 नेशनल रिचर्स सेंटर, 109 कृषि विज्ञान केंद्र आदि हैं। आप चाहें तो एग्रीकल्चर इंजीनियर के लिए मैन्यूफैक्चरिंग कम्पनी, वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट, फॉरेस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, रूरल डेवलपमेंट, मशीन डेवलपमेंट आदि में जॉब की तलाश कर सकते हैं। आजकल एग्रीकल्चर इंजीनियर एनजीओ के साथ मिलकर भी विभिन्न प्रोजेक्ट और स्कीम पर भी काम करते हैं।

दूसरी तरफ रिटेल कंपनियां भी एग्री-साइंस ग्रेजुएट को जॉब के बेहतरीन मौके उपलब्ध करा रही हैं। इसके अलावा वे बैंक जहां एडवांस क्रेडिट, लोन और कृषि आधारित प्रोजेक्ट डील करते हैं वहां भी एग्रीकल्चर साइंस से जुड़े कैंडिडेट्स की नियुक्ति होती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी पोस्ट ग्रेजुएट कैंडिडेट्स के लिए फील्ड अफसर, रूरल डेवलपमेंट अफसर, एग्रीकल्चरल और प्रोबेशनरी अफसर के पद पर वैकेंसी निकलती रहती हैं। इसके अलावा संघ लोक सेवा आयोग भी हर साल एग्रीकल्चरल स्पेशलिस्ट की नियुक्ति के लिए इंडियन फॉरेस्ट सर्विस परीक्षा आयोजित करता है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Shimla

एनआईओएस ने जारी किया डीएलएड परीक्षाओं का शेडयूल

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से डीएलएड करने वाले अप्रशिक्षित सेवारत शिक्षकों की द्वितीय चरण की परीक्षा 25 से 29 सितंबर तक होगी।

19 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: इन एक्टर्स का सुई-धागा चैलेंज में हुआ ये हाल

एक्टर वरुण धवन और अनुष्का शर्मा फिल्म की प्रमोशन के लिए सुई में धागा डालने की चैलेंज दे रहें है। जहां सुई-धागा चैलेंज को एक्सेप्ट करने में अक्षय कुमार के पसीने छूट गए तो क्या शाहरुख खान अनुष्का के चैलेंज को पूरा कर पाए देखिए ये इंटरेस्टिंग वीडियोज।

20 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree