मोटर बोट से होगी यमुना की निगरानी

Mathura Updated Wed, 10 Sep 2014 05:30 AM IST
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मथुरा। मंडलायुक्त के समक्ष यमुना का दर्द उठने के बाद मंगलवार को यमुना कार्य योजना क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। इसमें यमुना की निगरानी के लिए मोटर बोट खरीदने का फैसला लिया गया है। यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी का दायित्व संभालने के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व धीरेंद्र सचान के निर्देशन में आठ माह बाद हुई बैइक में सभी विभागों को तालमेल बनाते हुए नए सिरे से इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसकी रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह एकत्रित की जाएगी और हर माह बैठक होगी। इस दौरान हाईकोर्ट में याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने एक बार फिर यमुना की ताजा स्थिति और विभागों की हीलाहवाली से अधिकारियों को अवगत कराया।
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18 औद्योगिक इकाइयां होंगी सील
बैठक में फिर से चर्चा हुई कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की अनदेखी के कारण उद्योग जहर उगल रहे हैं। जो नालियों के रास्ते सीधे यमुना में जा रहा है। कोर्ट के आदेशानुसार हर 14 दिन में सैंपलिंग भी नहीं की जा रही है। इस पर क्षेत्रीय अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि 18 उद्योगों को सील करने की संस्तुति शासन से की गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अवैध रूप से औद्योगिक इकाईयां शहर में संचालित हैं।


यमुना में सीधे गिर रहे हैं नाले
मथुरा-वृंदावन के अलावा गोवर्धन में भी नालों का प्रवाह सीधे यमुना और मानसी गंगा में हो रहा है। एसपीएस के संचालन में जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। मौजूदा सिस्टम का उपयोग नहीं हो रहा है। इस पर प्रदूषण बोर्ड, नगर पालिका, जल निगम सहित संबंधित अधिकारियों से सुधार के लिए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।

मानसी गंगा पर 22 करोड़ बर्बाद
मानसी गंगा को झील का स्वरूप देने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर तैयार प्रोजेक्ट में 22.5 करोड़ रुपये बर्बाद हो चुके हैं। गोवर्धन में डाली गई सीवर बेकार हो रही है। अब तक इसके कनेक्शन नहीं किए गए हैं। ईओ गोवर्धन को सीवर कनेक्शन के लिए कड़ाई से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं।

नालियों में जा रहा बायो मेडिकल वेस्ट
नालियों के सहारे बायो मेडिकल वेस्ट यमुना में जा रहा है। हास्पिटल और क्लीनिक सेंटर पर इसके लिए पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम को छापामार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अवैध बूचड़खाने और मांस बिक्री
शहर में बिना लाइसेंस के मांस की बिक्री हो रही है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास ही करीब दो दर्जन दुकान संचालित हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर सील हो चुके बूचड़खाने भी जारी हैं। यमुना में मछलियों का शिकार भी हो रहा है। नोडल अधिकारी ने पुलिस को इन अवैध गतिविधियों को कड़ाई से प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं।

विद्युत शवदाह गृह
यमुना के ध्रुव घाट के समीप स्थापित होने वाले विद्युत शवदाह गृह पर एक बार फिर चर्चा हुई। अधूरे निर्माण को पूर्ण करने के लिए एमवीडीए को निर्देश दिए गए। यहां अतिक्रमण भी होने लगा है।

आवासीय क्षेत्र से हटे उद्योग
शहर में स्थापित उद्योगों को आवासीय क्षेत्र से बाहर स्थापित करने की पहल एक बार फिर शुरू होगी। इसके लिए उद्यमियों के साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यूपीएसआईडी और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करने का फैसला लिया गया है।

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