एक्सप्रेसवे से एआरटीओ को लग रहा झटका

Mathura Updated Thu, 21 Nov 2013 05:39 AM IST
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मथुरा। यमुना एक्सप्रेसवे ने एआरटीओ को मिलने वाली लक्ष्य पूर्ति की राशि को कठिन बना दिया है। भारी वाहनों के एनएच-2 के बजाए एक्सप्रेसवे से गुजर जाने के कारण लक्ष्य पूर्ति करना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि प्रांतीय टैक्स में हर माह 45 लाख तक की कमी आई है।
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आगरा से नोएडा तक बना यमुना एक्सप्रेसवे मथुरा जनपद की सीमा में 80 किलोमीटर इलाके से गुजरता है। नोएडा व गाजियाबाद से इस्पात व अन्य सामान लेकर व्यावसायिक वाहन आगरा व कानपुर तक का रास्ता एक्सप्रेसवे से तय करते हैं। हरियाणा से आगरा की तरफ जाने वाले वाहन भी ज्यादातर यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरते हैं। इसके चलते एनएच-2 पर भारी वाहनों में कमी आई है। इससे मथुरा को कम टैक्स मिल रहा है। एक्सप्रेसवे से यूपी की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों से प्रांतीय टैक्स नोएडा और आगरा में ही जमा हो जाता है। जबकि यमुना एक्सप्रेसवे से पहले यह टैक्स मथुरा में जमा होता था।
छह करोड़ प्रतिमाह का है लक्ष्य
एआरटीओ की प्रवर्तन शाखा को हर माह छह करोड़ की राजस्व वसूली का लक्ष्य राज्य सरकार की ओर से दिया जाता है। लक्ष्य पूर्ति को बिना टैक्स वह लाइसेंस ए, फार्म ए टैक्स चोरी कर ले जाने वाले वाहन चालकों से वसूल करते हैं। यमुना एक्सप्रेस के चलते हर माह लगभग 45 लाख की राजस्व वसूली पिछड़ रही है।
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