मुस्करा देते हैं बच्चे और मर जाता हूं मै...

Mathura Updated Sun, 27 Oct 2013 05:37 AM IST
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मथुरा। सत्ता के शीर्ष पर विराजमान सियासी दिग्गजों पर व्यंग्य कसती हास्य कवियों की शैली से शुरू हुई काव्य संध्या बात-बात पर बेशुमार तालियां बटोरने लगी। रात गहराई तो माहौल कुछ जुदा हुआ और गजल जवां होने लगी। डा. कुमार विश्वास संचालन की सफलता के शिखर का स्पर्श करते हुए कवियों और शायरों की दाद देते रहे।
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कृष्णा आर्चीड में थीम मीडिया साल्युशन के तत्वावधान में आयोजित काव्य संध्या का शुभारंभ कुमार विश्वास, उद्यमी पवन चतुर्वेदी, कृष्ण कुमार शर्मा, विजय चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से किया। इसके बाद कुमार ने महंगाई पर सीधी चोट कर दी। उन्होंने कहा, रोज खाली हाथ जब घर लौट कर आता हूं, मुस्करा देते हैं बच्चे और मर जाता हूं मै...। श्रोताओं का मूड उन्होंने समझा और फिर कहा, उनसे छीके से कोई चीज उतरवाई, काम का काम हो गया और अंगड़ाई की अंगड़ाई...। यहां से कुमार एक बार फिर गजल को संजीदा बना गए। उन्होंने सुनाया, गजल तेरे अदब की मिसाल देता हूं, तू तवायफों के कोठे पर बेअदब न हुई...।
अब बारी दिनेश बावरा की थी। लाफ्टर चैलेंज के इस कलाकार ने आसाराम पर व्यंग्य कसते हुए कहा, जब तक हमारे बच्चों की सूरत हमसे मिलती रहेगी, अब तक संस्कार सुरक्षित रहेंगे। शायरा मुमताज नसीम आईं और पढ़ा कि, घर से निकली तो थी मैने सोचा न था, इतनी मुश्किल मुलाकात हो जाएगी। श्रोता शांत थे लेकिन आगे मुमताज ने युवाओं का दिल धड़का दिया। उन्होंने गजल पढ़ी, प्यार हो गया मुझे प्यार हो गया, सूना-सूना जीवन त्योहार हो गया।
काव्य संध्या में आगरा के रमेश मुस्कान, ध्रवेंद्र भदौरिया ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को खूब प्रभावित किया। इस कार्यक्रम के प्रायोजकों में पीके ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, अग्रवाल डेवलपर्स, पीसीपीएस थे। सहप्रायोजकों में बेरीवाल ग्रुप, टेकमैन, मोनाड यूनिवर्सिटी, जीएल बजाज, कल्पवट, केएन इंटरनेशनल स्कूल आदि शामिल रहे।

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एक मनमोहन यहां, दूसरे वहां...
एक मनमोहन यहां हैं, भगवान श्री कृष्ण और दूसरे मनमोहन वहां हैं जो पीएम की कुर्सी पर बैठे हैं। फर्क देखिए। कुमार विश्वास ने कई बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने ठेठ ब्रज भाषा में काफी कुछ बोलकर उपस्थित लोगों का दिल जीता। आखिर में कुमार ने अपनी वह रचना पढ़ी जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार था, कोई दीवाना कहता है...। इस पर श्रोताओं ने सीटों से खड़े होकर बेशुमार तालियां लुटाईं। इस दौरान थीम मीडिया साल्युशन के अंकुर कुलश्रेष्ठ और दिगंबर सिंह आदि मौजूद रहे।
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