पुत्र प्राप्ति और दीर्घायु की कामना करेंगी माताएं

Mathura Updated Sun, 27 Oct 2013 05:38 AM IST
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गोवर्धन। आज अहोई अष्टमी का शाही स्नान है। माताएं पुत्र प्राप्ति और उनके दीर्घायु, निरोगी रहने की कामना के साथ राधाकुंड में स्नान करेंगी। साथ ही अहोई माता की पूजा अर्चना के साथ चंद्रमा को अर्घ्य देंगी। स्नान आज मध्यरात्रि से शुरू होगा। इससे पहले श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर गिरिराज की परिक्रमा लगाई।
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शुक्रवार को देर रात्रि में डीएम विशाल चौहान ने अहोई अष्टमी मेला व्यवस्था को लेकर राधाकुंड पुलिस चौकी पर नागरिकों की एक बैठक ली। चौहान ने बताया कि स्नान के लिए नगर पंचायत एवं पुलिस प्रशासन ने व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली हैं। मेले की व्यवस्था में जनता का सहयोग आवश्यक है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुंड के घाटों पर रोशनी की पूरी व्यवस्था है। सभी श्रद्धालुओं से अच्छा व्यवहार करें। असामाजिक तत्वों की जानकारी दें। बैठक में एसएसपी गुलाब सिंह, एडीएम प्रशासन अवनीश शर्मा, एसडीएम सदर रमेश चंद, तहसीलदार संजीव कुमार, सीओ सदर अतुल श्रीवास्तव, ईओ रजनीश शर्मा, चेयरमैन प्रतिनिधि दाऊजी ठेकेदार, कृष्ण चन्द कौशिक, सत्यनारायण शर्मा आदि मौजूद थे।
गिरिराज जी की परिक्रमा लगाई
गोवर्धन। राधाकुंड में अहोई अष्टमी स्नान के लिए आए श्रद्धालुआें ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा की। शनिवार की सुबह से ही परिक्रमा प्रारंभ हो गई। शाम होते-होते श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वैसे तो राधाकुंड में अहोई अष्टमी का मुख्य शाही स्नान 27 अक्तूबर की मध्यरात्रि को है, लेकिन 26 अक्तूबर की मध्यरात्रि को भी स्नान हुआ। पूर्वोत्तर, बंगाल, नेपाल के यात्री इस बार काफी संख्या में आए हैं। शनिवार को सुबह श्रद्धालुओं ने मानसी गंगा में स्नान कर गिरिराज महाराज पर दूध चढ़ाया। गिरधारी गौड़ीय मठ, चैतन्य माधव गौड़ीय मठ, इस्कॉन मंदिर से सैकड़ाें की संख्या में विदेशी भक्त भजनों पर नृत्य करते रहे।


सेही माता करती हैं बच्चों की रक्षा
मथुरा। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन मनाया जाने वाला ये पर्व पुत्रों की दीर्घायु से जुड़ा है। इसके लिये मथुरा में महिलाएं प्रात: यमुना में स्नान कर दान-पुण्य करती हैं। दिन भर उपवास रखती हैं। शाम को दीवार पर अहोई अष्टमी के चित्र लगाकर उसकी पूजा अर्चना करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पुत्रों की लंबी आयु का वरदान अहोई माता और सेही माता से मांगती हैं। पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी बताते हैं कि इस पर्व पर सेही माता, सुरभि गाय की भी पूजा अर्चना का विधान है, जो श्राप से ग्रसित महिला के बच्चों की रक्षा करती हैं।

महिलाओं ने रखा व्रत
बलदेव (ब्यूरो)। पुत्र की दीर्घायु और उसकी सफलता की कामना करते हुए शनिवार को बलदेव में महिलाओं ने अहोई माता का व्रत रखा। निर्जल व्रत रह कर शाम को पूजा अर्चना की और चंद्रमा को अर्घ्य दिया।
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