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जमुना मैया ऐ लावे कूं तैयार हैं ब्रज वनिता (

Mathura Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
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रैना पालीवाल
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गोकुल। मातृ शक्ति से ज्यादा यमुना मैया का दर्द कौन समझेगा। कालिंदी से उनकी आस्था भी जुड़ी है और संस्कृति भी। इसी के कूल पर हंस बोलती थीं। जमुना में तैराकी ऊ खूब करी। याके मैले होेवे ते ब्रज वनिता ऊ दुखी हैं पर अब वे चुप नाय बैठंगी। जमुना जी ऐ हथिनी कुंड की कैद ते मुक्त करावे की बिन्नै कमर कस लई है। ब्रज की महिलाएं भी एक मार्च को हथिनी कुंड के लिए कूच करेंगी। गोकुल के घर -घर से महिलाएं जमुना जी को लेने निकलेंगी। ये कहना था गोकुल की महिलाओं का। ‘अमर उजाला’ ने रविवार को महिलाओं से यमुना प्रदूषण के मुद्दे पर बातचीत की।
महिलाओं को यमुना मुक्ति आंदोलन के लिए प्रेरित करने वाली मंजू बचपन से ही यमुना की भक्त रही हैं। उन्होंने बताया कि हम रोज जमुना तट पर सत्संग करते हैं। आज अपनी यमुना मैया को देखकर दुख होता है। रैली मै तौ जरूर जानौ है। मेरे गुरु चिम्मन लाल महाराज ने 40 साल पहले ही जमुना जी को लेकर चिंता जताई थी। उन्हीं की प्रेरणा मिली। सब महिलाओं को एकजुट करने में जुटी हूं। 50 महिलाओं ने पदयात्रा में जाने का संकल्प लिया है। कष्ट की चिंता नहीं है।

64 साल की राधा रानी जमुना मैया का जिक्र आते ही भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि हमारा जीवन जमुना मैया से जुड़ा है। इसमें स्नान करते, पूजा करते। हमारे देखते देखते कालिंदी मैली हो गई। अपनी वेदना किससे कहें। मैं और मेरौ पूरौ परिवार अपनी मैया को ब्रज में लाने के लिए जरूर जाएगो।
गीता खंडेलवाल ने कहा कि मेरी शादी ऐ 43 साल है गए। तब ते जमुना मैया ते नाता जुड़ गयौ। रोज स्नान करवे जाती पर दो साल ते घाट पै जानौ ही छूट गयौ। अब जमुना नाय। अपनी मैया के पीछै नाय लड़ंगे तौ कौन कू लड़ंगे। लक्ष्मी खंडेलवाल ने बताया कि अब जमुना में स्नान, आचमन बंद हो गया। महिलाओं को इस मां की लड़ाई लड़नी होगी।

आस्था और उत्सवों का केंद्र थी यमुना
युवती पूजा ने बताया कि यमुना आस्था और उत्सवों का केंद्र हुआ करती थी लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया। घाट सूने पड़े हैं। ब्रज की धरोहर को लाने के लिए हम हर कष्ट सहेंगे। रोशनी ने कहा कि जमुना हमारी मां है। मां के दर्द को दूर करने के लिए युवा शक्ति एकजुट होगी। अंकिता, दर्शना भी एक मार्च की पदयात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।


बाल मन में अथक उत्साह
गोकुल का बच्चा भी पदयात्रा में भाग लेने को उत्साहित है। उत्तम को यमुना बचाओ अभियान की पूरी जानकारी थी। उसने बताया कि अखबारों में पढ़ता हूं। सब ब्रजवासी एक मार्च को वृंदावन से यमुना जी को लेने जाएंगे। मैं भी उनके संग जाऊंगा। दीपक और सुगम भी जमुना जी के लिए समर्पित हैं।

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