लालबत्ती लगी गाड़ी से लाखों की अवैध शराब बरामद

Mathura Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
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मथुरा। लाल बत्ती लगी लक्जरी गाड़ी में अब तस्करी की शराब ढोई जा रही है। शुक्रवार को टोयटा की इनोवा में लाल बत्ती लगाकर हरियाणा की अंग्रेजी शराब ले जाते दो लोगों को आबकारी टीम ने दबोच लिया। गाड़ी से टीम ने दो लाख से अधिक की शराब बरामद की है।
आबकारी टीम को शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि कुछ युवक लक्जरी गाड़ी में हरियाणा निर्मित शराब लेकर आगरा की ओर जा रहे हैं। इस पर आबकारी अधिकारी रामदीन यादव, जीपी गुप्ता, एडी सेवक, केपी सिंह आदि ने हाइवे स्थित रिफाइनरी थाना क्षेत्र में टाउनशिप तिराहे के निकट लाल बत्ती लगी इनोवा को रुकवाने का प्रयास किया। लेकिन इनोवा के चालक ने गाड़ी दौड़ा दी। आबकारी टीम ने इसकी सूचना रिफाइनरी पुलिस को दी। रिफाइनरी पुलिस व टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर गाड़ी को पकड़ लिया। लाल बत्ती लगी इनोवा नंबर डीएल 4सी एनई 4317 से टीम ने हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब के 1392 क्वार्टर बैगपाइपर व मैकडावेल के बरामद किए। गाड़ी से टीम ने खरगकलां भिवानी हरियाणा निवासी जितेंद्र और ढोकला झझ्झर हरियाणा निवासी भूपेंद्र को दबोच लिया। दोनों गुड़गांव से शराब लेकर आगरा सप्लाई देने जा रहे थे।

अपराधों में हो रहा लाल व नीली बत्ती का प्रयोग
मथुरा (ब्यूरो)। लाल व नीली बत्ती अब अपराधियों का खिलौना बन गई हैं। हाइवे पर लूट से लेकर शराब तस्करी तक में लाल व नीली बत्ती का प्रयोग होने लगा है।
मंत्री, संसद सदस्य, राज्य सभा सांसद, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी व विभाग प्रमुखों को लाल व नीली बत्ती लगाने की अनुमति दी जाती है। लेकिन अब यह बत्ती अपराधियों के हाथ का खिलौना बनकर रह गई है। अपराध से जुड़े लोग वाहनों में लाल व नीली बत्ती लगाकर खुले आम घूमते हैं और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल जाते हैं। बत्ती को देखकर पुलिस भी वाहन चेकिंग आदि के दौरान बत्ती लगी गाड़ी सवारों से पूछताछ तक करने में संकोच करती है। गत महीनों में हाइवे पर हुई लाल व नीली बत्ती लगाकर दर्जनों लूट के मामलों में खुलकर बत्ती लगी गाड़ियों का प्रयोग हुआ। अब इसका भी स्तर गिर गया है। अब शराब तस्कर भी बत्ती लगाकर शराब ढोने में लगे हैं।

300 से 1100 में मिल जाती बत्तियां
मथुरा। हर्र लगी ना फिटकरी और रंग चोखा ही चोखा। जिस बत्ती को नियमानुसार पाने को पढ़ते-पढ़ते आंखों पर चश्मे चढ़ जाते हैं या जनता का दिल जीतने के लिए क्या कुछ नहीं करना पड़ता। इसके उलट अपराधी मात्र 300 से 1100 रुपये में लाल-नीली बत्ती खरीद लेते हैं। बाजार में ऑटोमोबाइल की दुकानों पर नीली व लाल बत्ती 300 से 1100 रुपये में आसानी से मिल जाती हैं। इन बत्तियों में नीचे मैगनेट लगी रहती है। घूमने वाली व जलने वाली बत्ती के लिए अलग से तार लगा होता है। उसे गाड़ी के सिगरेट लाइटर वाले सर्किट में लगाकर दो मिनट में बत्ती वाले बन जाते हैं।

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