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तहसील, कस्बों को मिलेगी बिजलीघरों की सौगात

Mathura Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
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मथुरा। ग्रामीण क्षेत्र से जुडे़ जिले के बडे़ कस्बे और तहसील मुख्यालय को निकट भविष्य में अलग से विद्युत आपूर्ति करने की योजना है। इसके तहत जनपद में 33 केवीए की क्षमता के 12 नए बिजलीघर बनाए जाएंगे। इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है।
शहरी क्षेत्र के साथ कस्बों के उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति मीटर बिलिंग पर आधारित है। ग्रामीण क्षेत्रों में मीटर बिलिंग की व्यवस्था लागू नहीं है। इस स्थिति में अब दोनों उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति अलग-अलग होने जा रही है। इसके लिए तहसील मुख्यालय स्तर पर तथा जिले के अन्य बडे़ कस्बों में 33 केवीए के 12 नए बिजलीघर बनेंगे। इसमें तहसील स्तर पर महावन, मांट, छाता और लक्ष्मी नगर में इन बिजलीघरों का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा गोकुल, कोसीकलां, बरसाना, नंदगांव, राया, गोवर्धन, फरह और सौंख के लिए भी एक-एक 33केवीए का बिजलीघर प्रस्तावित किया गया है। प्रत्येक बिजलीघर पर करीब चार करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
इन बिजलीघरों की स्वीकृति मिलने का संदेश उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन से जिला मुख्यालय को आ चुका है। इन बिजलीघर के लिए जमीन की तलाश भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल इसके लिए प्रस्तावित स्थलों का सर्वे किया जा रहा है।

जिले में प्रस्तावित 12 नए बिजलीघरों के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलने पर निर्माण शुरू किया जाएगा। स्वीकृति मिल चुकी है। इससे शहर और कस्बा क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में काफी सुधार होगा।
- आरके जैन, अधीक्षण अभियंता
विद्युत वितरण मंडल मथुरा ग्रामीण

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