शिक्षा विभाग ब्रज के बारे में फैला रहा भ्रम

Mathura Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
अजय खंडेलवाल
मथुरा। ज्ञान की रोशनी से समाज में चेतना जगाने वाले शिक्षा विभाग की स्मारिका ब्रज की संस्कृति और मंदिरों को लेकर भ्रम फैला रही है। हाल ही में जारी पत्रिका में ब्रज के मंदिरों के इतिहास के साथ गलत तस्वीरें प्रकाशित की गईं। उक्त पत्रिका प्रतियोगिता मेें प्रदेश भर से आईं टीमों के खिलाड़ियों को वितरित कर दी गईं।
माध्यमिक विद्यालयों की राज्य स्तरीय द्वितीय रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में किया जा रहा है। इस अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा एक स्मारिका का प्रकाशन कराया गया है। इसमें ब्रज के मंदिरों और उनके इतिहास से प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों को परिचित कराया गया है।
इस महत्वपूर्ण कार्य में भी हद दर्जे की लापरवाही बरती गई है। पत्रिका के पृष्ठ संख्या 25 पर राजाधिराज (द्वारिकाधीश मंदिर) का इतिहास दिया गया है लेकिन इसके किसी और मंदिर का फोटो प्रकाशित कर दिया गया है। पेज नंबर 26 पर वृंदावन के पांच हजार वर्ष पुराने इतिहास के साथ इस्कॉन मंदिर, पेज नंबर 28 पर नंदगांव के इतिहास के साथ बरसाना का श्रीजी मंदिर तथा बरसाना के पौराणिक महत्व के साथ रंगीली महल का फोटो लगा दिया गया है। उक्त स्मारिका शुभारंभ वाले ही दिन अपर निदेशक शिक्षा आईपी शर्मा, संयुक्त शिक्षा निदेशक डा. मुकेश अग्रवाल की मौजूदगी में प्रदेश के 18 मंडलों से आई खिलाड़ियों की टीम, प्रबंधन, अधिकारियों को वितरित कर दी गई हैं।

उक्त स्मारिका का प्रकाशन आगरा से कराया गया है। ब्रज के मंदिरों के पौराणिक इतिहास के साथ जो फोटो लगाए गए हैं वो इंटरनेट से लिए गए हैं। सभवत: उसी स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई है।
- डा. कमल कौशिक
प्रतियोगिता के मीडिया प्रभारी, प्रधानाचार्य श्री कृष्ण इंटर कॉलेज, गोकुल, मथुरा।

Spotlight

Most Read

Bihar

चारा घोटाले के तीसरे केस में लालू यादव दोषी करार, दोपहर 2 बजे बाद होगा सजा का ऐलान

पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

24 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: ब्रज में यूं हुआ वसंत पंचमी से रंगोत्सव का आगाज

दुनियाभर में होली भले ही एक दिन का त्योहार हो लेकिन भगवान श्रीकृष्णश की ब्रजभूमि में यह उत्सव 40 दिन तक मनाया जाता है। होली के इस खास उत्सव की शुरुआत वसंत पंचमी के दिन से ही होती है।

22 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls