अब मनोहरपुरा के मकानों में दरार

Mathura Updated Fri, 30 Nov 2012 12:00 PM IST
मथुरा। श्रीरामजी द्वारा में मकानों के फटने की घटना के बाद अब मनोहरपुरा में भी कई मकानों में दरारें आ गई हैं। इस स्थिति ने एक बार फिर शहर की पुरानी आबादी को चिंता में डाल दिया है। लोग विचलित हैं कि कहीं ये आफत उनकी ओर पैर तो नहीं पसार रही है।
शहर में हजारों व्यक्ति दहशत में हैं। ये दहशत उस वक्त और बढ़ गई जब सूचना मिली कि नीम गली, श्रीरामजी द्वारा के बाद मनोहरपुरा क्षेत्र में भी मकानों में दरारें आ गईं। तीर्थ पुरोहित महासंघ के प्रांतीय नेता कांतानाथ चतुर्वेदी का कहना है कि शहर में ये स्थिति अत्यंत गंभीर है। पालिका और जिला प्रशासन इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। यही स्थिति रही तो कभी भी हजारों जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं।

डेढ़ दशक पुराना है ये सिलसिला
शहर में मकानों के फटने का सिलसिला डेढ़ दशक पुराना है। ऐसा कोई महीना नहीं जाता जब किसी क्षेत्र में मकान न फटते हों। सैकड़ों परिवार इस त्रासदी का शिकार हो चुके हैं। नीमगली स्थित उर्मिला चतुर्वेदी का मकान दो साल पहले फटा था। अब 20 दिन बाद फिर मकान में दरार आ गई है। ओमप्रकाश के मकान की भी यही स्थिति है। कुछ माह पहले ही फटे मकान की मरम्मत कराई थी, उस पर फिर पानी फिर गया है। अब तो फर्श भी चटक रहा है।

प्रभावित क्षेत्र
गली भीकचंद, श्रीरामजी द्वारा, छौंकापाड़ा, सतघड़ा काला महल, गजापाइसा, नगला पाइसा, नींम गली, महोली की पोर, लाला गंज, गोलपाड़ा, सरवनपुरा, हाथी गली, मानिकचौक, गताश्रमटीला, रतनकुंड, गली पातीराम, गली मेघा, गली कानूनगो, दुर्गाचंद गली, ककोरन घाटी, तुलसी चबूतरा, मनोहरपुरा सहित संपूर्ण चौबिड़ापाड़ा।

अंग्रेजों के जमाने की हैं पाइप लाइन
टीलेनुमा आबादी पर बसे मकानों के फटने का कारण अब तक अंजान है। अधिकांश लोगों का कहना है कि ये स्थिति जर्जर हो चुकी सीवर और पानी की पाइप लाइन में लीकेज के कारण पैदा हो रही है। कई जगह खुदाई में ये बात साबित भी हुई हैं। बताया जाता है कि पुराने शहर में पानी की पाइप लाइन और सीवर लाइन आजादी के पहले बिछाई गई थीं।

आईआईटी रुड़की की टीम ने किया था दौरा
विषम परिस्थिति से शहर को बचाने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। ये दौरा नगर पालिका के प्रशासक तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार सिंह की पहल पर हुआ था। लेकिन इसके बाद कोई भी प्रक्रिया तकनीकी टीम की राय पर आगे नहीं बढ़ सकी।

नहीं मिली सरकारी सहायता
मकान फटने की त्रासदी को झेल रहे परिवारों को कभी सरकारी सहायता नहीं मिली। प्रभावितों को अनुदान तो दूर पालिका ने टैक्स से भी मुक्त नहीं किया। प्रभावित क्षेत्र का जनप्रतिनिधियों ने दौरा किया है। आश्वासन भी दिए हैं लेकिन किसी ने कोई सहायता कभी नहीं की।

प्रभावितों का दर्द
स्थिति बहुत खराब है। मकान फटने का दौर खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इससे तमाम तरह की आशंकाएं मन में बैठी रहती हैं।
-इंद्रा चतुर्वेदी

दो साल पहले मकान फटा था। मरम्मत कराकर दुरुस्त कराया कि इस माह फिर से मकान फट गया। समझ में नहीं आता है कि क्या किया जाए।
-ओमप्रकाश चतुर्वेदी

मकान फटने की घटना ने लोगों को बर्बाद कर दिया है। जीवनभर की कमाई से तैयार होने मकानों में रात गुजारना भी खतरे से खाली नहीं रहा है।
-शेरे पंडा

नगर पालिका की आगामी बोर्ड बैठक में इस विषय को रखा जाएगा। कोशिश होगी कि पालिका बोर्ड हजारों लोगों की जिंदगी से जुडे़ मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर कोई निर्णायक फैसला ले।
-प्रदीप यादव, क्षेत्रीय सभासद

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