विश्वकोश में समाई ब्रज संस्कृति

Mathura Updated Sat, 10 Nov 2012 12:00 PM IST
हिमांशु त्रिपाठी/मथुरा।
शब्दों का संसार तैयार है। भाषाई आधार पर ब्रज का खाका खींचकर इसके दायरे में ब्रज के वन, उपवन, पशु, पक्षी, पोखर, टीले, घाट, खेल सब कुछ समेटा गया है। दरअसल ब्रज की संपूर्ण संस्कृति अगले चार माह में ब्रज संस्कृति विश्वकोश के रूप में सबके सामने होगी।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में वृंदावन शोध संस्थान ने वर्ष 2010 से इस महत्वपूर्ण विषय पर काम करना शुरू किया था। उस वक्त पांच खंडों में ब्रज संस्कृति विश्वकोश तैयार करने की योजना बनी। पहले खंड पर कार्य अब लगभग पूर्ण हो चुका है। इसके लिए आगरा, मैनपुरी, भरतपुर आदि जगहों पर कार्यशाला भी आयोजित की गई थी। दुनिया भर में बसे ब्रजवासियों और ब्रज प्रेमियों के लिए प्रथम खंड में अतीत का ब्रज वर्तमान में जीता जागता नजर आएगा। इस विश्वकोश के पहले खंड में स्थापत्य, इतिहास, पुरातत्व, भौगोलिक स्थिति शामिल है। इसके अलावा सामाजिक व्यवस्था जिसमें प्रशासन, अर्थव्यवस्था, खेलकूद, परंपराओं के साथ आधुनिक विकास भी है। शेष अन्य खंडों में संप्रदाय, कला आदि के बारे में बताया जाएगा।

इन जिलों की संस्कृति:::: मथुरा, आगरा, फीरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, भरतपुर, धौलपुर, पलवल, गुड़गांव

वन, उपवन, पर्वत, नदियां सब शामिल
विश्वकोश के प्रथम खंड में ब्रज के पर्वतों में अटोरा पर्वत ऊंचागांव, काम्यवन की पहाड़ी, गोवर्धन पहाड़ी, चरण पहाड़ी, नंदगांव और बरसान की पहाड़ियों का जिक्र है। गिरिराज और बरसाना का जिक्र है। नदियों में यमुना, कृष्णगंगा, कोटवन, पथवाहा नदी, बान गंगा, सरस्वती, करबन का उल्लेख है। इनके अलावा टीले, जलाशय, पोखर, घाट, ब्रज के कूप, कुंड का ब्योरा पुस्तक में मौजूद है।

मल्ल विद्या भी, मुर्गा लड़ाई भी...
प्रथम खंड में ब्रज के अतीत के खेलों मल्लविद्या का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। इसके अलावा पशु-पक्षी के बीच की लड़ाई के खेल का ब्योरा है। हाथी, मुर्गे की मुगलकालीन लड़ाई से परिचय भी कराया गया है।

इनकी है अहम भूमिका....
ब्रज की संस्कृति को विस्तार देती पुस्तक के प्रथम खंड में वृंदावन शोध संस्थान के अध्यक्ष भवानी शंकर शुक्ल, डा. सूर्य प्रसाद दीक्षित, श्रीवत्स गोस्वामी, गया चरण त्रिपाठी, डा. अशोक वाजपेयी, डा. राधावल्लभ त्रिपाठी, डा. रुपर्ट स्नेल, डा. नजीर मोहम्मद, डा. अंबेडकर विवि आगरा के कुलपति डा. डीएन जौहर, प्रो. शैलनाथ चतुर्वेदी, प्रो. कैलाश चंद्र भाटिया, डा. शैलेंद्र नाथ पांडेय, हरिमोहन मालवीय, डा. नरेश चंद्र बंसल आदि विद्वानों की अहम भूमिका है।

हम पहले कैसे रहते थे। हमारा वर्तमान क्या है। ब्रज संस्कृति विश्वकोश इसके बीच की कड़ी स्थापित करेगा। प्रथम खंड मार्च तक आने की उम्मीद है। बाद में इसे इंटरनेट पर अपलोड करने पर भी विचार किया जाएगा।
- डा. महेश नारायण शर्मा
निदेशक, वृंदावन शोध संस्थान, वृंदावन, मथुरा।

Spotlight

Most Read

Varanasi

मतदाता पुनरीक्षण में लापरवाही, चार अफसरों को नोटिस

मतदाता पुनरीक्षण में लापरवाही, चार अफसरों को नोटिस

19 जनवरी 2018

Related Videos

इस वजह से यूपी पुलिस के एक और दरोगा ने दिया इस्तीफा

यूपी पुलिस की कार्यशौली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मथुरा के मांट में ट्रेनिंग कर रहे दरोगा ने एसएसपी को इस्तीफा दे दिया है। ट्रेनी दरोगा ने यूपी पुलिस में अमूल-चूल बदलाव का सुझाव भी दिया है।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper