अहंकारी कुंभकरण, मेघनाथ धराशाई

Mathura Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
मथुरा। श्रीरामलीला सभा के तत्वाधान में चित्रकूट लीला मंच पर कुंभकरण वध, मेघनाथ वध और सुलोचना सती लीलाओं का मार्मिक मंचन किया गया। मंचन देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
रावण को लक्ष्मण के जीवित होने की सूचना दी जाती है। इस पर युद्ध में कुंभकरण को भेजने के लिए रावण उसे जगाने की आज्ञा देता है। कुंभकरण रणभूमि पहुंचकर वानर, भालुओं की सेना पर टूट पड़ता है। वानरों की पुकार पर प्रभु श्रीराम कुंभकरण का वध करते हैं। मेघनाथ बदला लेने को मैदान में पहुंचता है दल को नागपाश में बांध देता है। गरुण जी प्रभु को बंधन मुक्त करते हैं। इसके बाद लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं।
सुलोचना को दासी बताती है कि उसके आंगन में आभूषण युक्त भुजा पड़ी है। सुलोचना उसे पहचान लेती है विलाप करती है। रावण अपने पुत्र का बदला लेने का आश्वासन देता है। इधर, सुलोचना भगवान राम के पास पहुंचकर प्रणाम करती है। सुग्रीव उन्हें मेघनाथ का सिर देते हैं। जिसके साथ सुलोचना सती हो जाती है। इस मौके पर प्रसाद की व्यवस्था कालीचरण, महेश चंद्र ने की।

Spotlight

Most Read

Hapur

अब जिले में नहीं कटेंगे बूढ़े हो चुके फलदार वृक्ष

अब जिले में नहीं कटेंगे बूढ़े हो चुके फलदार वृक्ष

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: ब्रज में यूं हुआ वसंत पंचमी से रंगोत्सव का आगाज

दुनियाभर में होली भले ही एक दिन का त्योहार हो लेकिन भगवान श्रीकृष्णश की ब्रजभूमि में यह उत्सव 40 दिन तक मनाया जाता है। होली के इस खास उत्सव की शुरुआत वसंत पंचमी के दिन से ही होती है।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper