रोशनी की राह में रोड़ा

Mathura Updated Fri, 19 Oct 2012 12:00 PM IST
मथुरा। जनपद में प्रदेश का सबसे बड़ा 765 केवीए और साथ ही 400 और 220 केवीए के बिजलीघर स्थापित करने की घोषणा की गई थी। इस योजना से विद्युत कटौती से जूझ रहे जनपद वासियों के दिलों में उम्मीदों के चिराग रोशन होने लगे। लोगों को लगा कि अब जल्द ही विद्युत कटौती और ओवरलोडिंग की समस्या से निजात मिलेगी लेकिन प्रशासन के लेट लतीफ रवैये से अब लोगों की उम्मीदें धुंधली पड़ने लगीं हैं।
ज्ञात हो कि उक्त बिजलीघरों के लिए जमीन मिल चुकी है। ग्राम पंचायत ने भी इन जमीनों को बिजलीघरों के लिए देने लिए सहमति जता दी है लेकिन जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया में हो रही देरी इस योजना में रोड़ा बनी हुई है।
खास बात है कि मुख्यमंत्री जनपद में इन तीन बजे बिजलीघरों की स्थापना को लेकर गंभीर हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे बनने से इस धार्मिक क्षेत्र के विकास पर शासन की नजर है। इसी के मद्देनजर यहां 400 और 220केवीए के दो बिजलीघरों की स्थापना को शासन ने जमीन की उपलब्धता के बगैर ही स्वीकृति प्रदान कर दी थी। 400 केवीए के बिजलीघर के लिए जब मांट तहसील में जमीन सुझाई गई तो उस पर पावर कार्पोरेशन ने 400 के साथ प्रदेश का सबसे बड़ा बिजलीघर 765 केवीए की स्थापना को भी सहमति दे दी लेकिन कई माह गुजर चुके हैं और अब तक प्रस्तावित जमीन को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। कुछ यही स्थिति छाता क्षेत्र में गोवर्धन मार्ग पर बनने वाले 220 केवीए बिजलीघर की है।

क्यों हो रही देरी
मथुरा। पिछले कुछ माह के दौरान कई डीएम बदलने से जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया के परवान चढ़ने में अवरोध पैदा हुआ। हालांकि वर्तमान डीएम समीर वर्मा ने एसडीएम मांट को जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

पहले आगरा में था प्रस्तावित
मथुरा। पहले 765 केवीए का प्रदेश का सबसे बड़ा बिजलीघर आगरा जिले के वाह क्षेत्र के आसपास स्थापित किया जाना जाना था। वहां जमीन मिलने में होने वाली परेशानी और मांट में पर्याप्त मात्रा में जमीन की उपलब्धता ने पावर कार्पोरेशन के कदम जिले में खींच लिए।

ललितपुर के पावर प्लांट से जोड़ा जाएगा
765 केवीए की क्षमता के प्रस्तावित बिजलीघर को झांसी के निकट ललितपुर में स्थापित होने जा रहे पावर प्लांट से जोड़ा जाएगा।

फायदे
इसका लाभ न केेवल केवल आगरा मंडल के जनपदों को मिलना है बल्कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपद लाभान्वित होंगे।
मथुरा में 400 केवीए की क्षमता का बिजलीघर स्थापित होने के बाद आगरा पर ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो जाएगी।


वर्तमान हालात
- वर्तमान में आगरा स्थित पीलीपोखर पर स्थापित 400 केवीए बिजलीघर से मथुरा, आगरा और हाथरस जनपद में स्थापित 220 केवीए बिजलीघरों को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है, जिससे ओवरलोडिंग की स्थिति बनी हुई है।
- गोकुल 220 केवीए बिजलीघर पिछले काफी दिनों से ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहा है।

‘मथुरा के लिए 400 और 220 केवीए के बिजलीघर स्वीकृत हैं। आगरा में प्रस्तावित 765 का निर्माण भी यहां होना है। इन तीनों ही बडे़ बिजलीघरों के लिए जमीन चयनित की जा चुकी है। अब उसे हस्तांतरित किया जाना है, जिसके प्रक्रिया शुरू हो रही है’
एपी वशिष्ठ, एक्सईएन ट्रांसमिशन

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

इस वजह से यूपी पुलिस के एक और दरोगा ने दिया इस्तीफा

यूपी पुलिस की कार्यशौली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मथुरा के मांट में ट्रेनिंग कर रहे दरोगा ने एसएसपी को इस्तीफा दे दिया है। ट्रेनी दरोगा ने यूपी पुलिस में अमूल-चूल बदलाव का सुझाव भी दिया है।

18 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper