लाडली जी मंदिर लाइव

Mathura Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
रैना पालीवाल/बरसाना
सुबह पांच बजे:
राधा रानी का जन्मोत्सव मनाने देश के कोने कोने से लाखों श्रद्धालु बरसाना धाम पहुंचे थे। प्राचीन लाडली जी मंदिर के प्रवेश द्वार की सीढ़ियाें पर उमड़ा भक्तोें का सैलाब अंदर जाने को आकुल था। एक दूसरे को ठेलते हुए भक्त राधा रानी के दर्शन को बढ़ रहे थे। मंदिर के बाहरी परिसर में ढोेल नगाड़ों पर रसिक आनंद लीन हो झूम रहे थे। श्री जी जनम के बधाए हृदय को हर्षित किये थे। मंदिर के अंदर का विहंगम नजारा था।
विशाल भवन में पांव रखने की जगह नहीं थी। वहां मौजूद असंख्य भक्तों के कंठ राधा रानी को भज रहे थे। चारों ओर राधा नाम निनादित था। बंद पट को देख निराश हुए भक्त हाथ ऊपर उठाए राधा राधा रटने लगे। राधा के दर्शन को अखियां प्यासी थीं। उनके लिये ही तो हर तकलीफ उठाकर यहां तक पहुंचे थे। राधा रानी ने अपने भक्तों की सुनी और पट खुल गये। किशोरी की जय जयकार होने लगी। प्रसाद पाने को सभी हाथ बढ़ाए थे।
सुबह 5:30 बजे:
जहां तीनों लोकों का आनंद आके समाया था, वहां कुछ ही क्षणों में कोहराम मच गया। दर्शन के बाद मुख्य निकास द्वार की तरफ टूटे भक्तों में भगदड़ मच गई। राधा के दरबार में मौत का तांडव होने लगा। बच्चे, बड़े, महिलाएं, सभी बुरी तरह घबराए हुए थे। चीख पुकार मचने लगी। भीड़ में दम घुटा जा रहा था। हमें बाहर जाने दो.. बस यही आवाज थी। निकास एक ही था और भीड़ बहुत ज्यादा। तब जाकर पुलिस की नींद टूटी और तब पुलिस ने लाठियां लगाकर श्रद्धालुओं के सैलाब को थामा लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। पुलिस का घेरा तोड़कर लोग बाहर की ओर भागने लगे। इस भगदड़ में अनेक लोग जमीन पर गिर पड़े। कई महिलाओं का जी घबराने लगा। बच्चे चिल्ला रहे थे। भगदड़ में जान पर बन आई थी। सांस लेने की जगह नहीं थी। भीड़ एक दूसरे को दबाए जा रही थी। इन हालात में कई लोग बेहोश गये। करीब एक घंटे तक यह भयावह मंजर रहा। किसी का पिता बिछड़ गया तो किसी की मां। आंखें आंसुओं में डूबी थीं लेकिन दूर दूर तक अपने न थेे। अनहोनी की आशंका से लोगों का दिल बैठा जा रहा था।
नहीं थे पुख्ता इंतजाम
सचेत नहीं था पुलिस प्रशासन
अगर पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं की बढ़ी तादाद को देखते हुए सचेत हो जाता तो ये दुर्घटना घटित नहीं होती। प्रवेश द्वार पर पुलिस कर्मी पंखों के नीचे आराम फरमा रहे थे। श्रद्धालुओं कोे जत्थों में नहीं भेजा गया। न रैलिंग की व्यवस्था की गई। भगदड़ मचने के बाद भी पुलिस ने प्रवेश द्वार बंद नहीं किया। पुलिस ने मामले को हल्के से लिया। निकास द्वार पर दो चार पुलिस कर्मी लाठियों को लगाकर भक्तों के सैलाब को थामने की कोशिश में लगे थे लेकिन तूफान आगे बढ़ रहा था। इतना सब होने पर भी एक्स्ट्रा फोर्स नहीं मंगाया गया। कहीं कहीं पुलिस वाले खुद जान बचाते फिर रहे थे। पुलिस के हाथ पांव फूले हुए थे। स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जा सका। पुलिस के उदासीन रवैये के कारण दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई और एक दर्जन के करीब लोग घायल हुए। करीब एक घंटे जूझने के बाद स्थिति सामान्य हो पाई।
खुद ही ले जाओ...
घायल परिजनों के लिये मदद की गुहार लगाते लोगों को पुलिस का संवेदनहीन जवाब और भी दर्द दे गया। पुलिस ने कहा कि खुद ही ले जाओ, हमारे पास कोई इंतजाम
नहीं है। एंबुलेंस की कोई व्यवस्था वहां नहीं थी।
पुलिस प्रशासन हाय हाय
आप समझते क्या हैं खुद को, हमारे प्रति आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। एडीएम एफआर के मौके पर पहुंचने पर श्रद्धालुओं का आक्रोश फूट पड़ा। पुलिस प्रशासन हाय हाय के नारे लगाने लगे। दिल्ली की अमन पुलिस प्रशासन को कोस रही थी। उसके माता पिता बिछड़ गये थे।
श्रद्धालु मुंबई निवासी राम ने बताया कि पुलिस की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस वाले पंखे के नीचे खड़े थे। पहले से कोई योजना नहीं थी।
मौत के मुंह से बच आए...
कानपुर की रज्जो मंदिर की छत पर बेहाल पड़ी थीं। शरीर के कई हिस्सोें में अंदरूनी चोटें आई हैं। बोली बेटा ये मंजर कभी नहीं भूल पाऊंगी। मौत के मुंह से वापस आ गई। भगदड़ में घायल हुई रजनी, मेरठ के चेहरे पर खौफ तारी था। लड़खड़ाती हुई बाहर निकली रजनी बोली जब गिरी तो लगा अब नहीं बचूंगी। राधा रानी की कृपा से
नई जिंदगी मिल गई।
हमायी आत्मा रोय रही है...
हादसे का दर्द मंदिर परिसर को साफ करते बाल्मीकि महेंद्र के चेहरे पर भी झलक रहा था। बोला तीन पीढ़ियाें से राधा रानी की सेवा कर रहे हैं। आज तक ऐसो नाय भयो। रंगीली पै ऊ खूब श्रद्धालु आमै हैं पर जे अनहोनी नाय घटी। आज हमायी आत्मा रोय रही है।
श्री जी के धाम में पहली बार हुआ हादसा
देश की प्रसिद्ध तीर्थ स्थली बरसाना में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है। यहां के मुख्य उत्सव रंगीली होली और राधाष्टमी पर लाखों की तादाद में भक्त आते हैं लेकिन श्री जी मंदिर में अभी तक ऐसा हादसा नहीं हुआ।
मीडिया पर निकाली भड़ास
भगदड़ के बाद हुई किरकिरी के बाद पुलिस ने अपनी भड़ास मीडिया पर निकाली। हादसे के बाद कवरेज करने आए एक मीडिया कर्मी के साथ पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की। यही नहीं सब इंस्पेक्टर देवकी नंद ने डंडे से उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया।

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