123 वर्ष पुरानी परंपरा का हो रहा निर्वहन

Mathura Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
वृंदावन। यूं तो धर्मनगरी वृंदावन में 12 मास भगवान श्रीकृष्ण के उत्सवों की बयार बहती है, किंतु भगवान बलदेव के जन्मोत्सव पर नगर में विशेष आयोजन होते हैं। प्राचीन दाऊजी महाराज की पंचायती बगीची में जन्मोत्सव की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। आठ दिन के नगर भ्रमण की वर्षों पुरानी परंपरा अभी तक निभाई जा रही है।
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी पं. दयाशंकर शर्मा और देवी पंडा ने बताया कि पंचायती दाऊजी वाली बगीची की स्थापना लगभग 123 वर्ष पहले ब्रज वृंदावन के गौर एवं परम गौभक्त पं. मदन मोहन बांके ने की थी। इसका उद्देश्य था कि वृंदावन के सभी ब्रजवासी एकजुट होकर समाजसेवा और धार्मिक कार्यों में रुचि लें। उस समय मोहल्लेदार, सरदार और थोकदार परंपरा थी। यह सामाजिक व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि सभी लोग मतभेद भुलाकर पंचायती आयोजन का आनंद लेते थे।
मंदिर ट्रस्ट के सहयोगी सुरेशचंद्र शर्मा, घासीराम शर्मा, कृष्णा पहलवान, कृष्ण मुरारी शर्मा आदि ने बताया कि इस बार बल्देव छठ का आयोजन 21 सितंबर को रहा है। इसमें प्रात:काल छह बजे से भगवान दाऊदयाल का पंचामृत महाभिषेक, फूल बंगला, भजन संध्या, प्रसाद वितरण आदि कार्यक्रम होंगे।

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