पीपीपी मॉडल से कूड़ा प्रबंधन, पालिका के लिए चुनौती

Mathura Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
वृंदावन।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश भर में पीपीपी मॉडल पर कूड़ा प्रबंधन करने की योजना बनाई गई है। जिसके अंतर्गत वृंदावन में भी इसी वर्ष यह योजना लागू होनी है। नगर पालिका परिषद् इसके अंतर्गत निजी संस्थानों के साथ कूड़ा प्रबंधन को और भी कारगर तथा बेहतर बनाएगी। वर्तमान स्थिति के मुताबिक शहर की पचास फीसदी सफाई तथा कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था निजी स्वयंसेवी संस्थाओं के हाथों में है।
ज्ञातव्य हो कि प्रदेश सरकार ने 175 नगर पालिकाओं में अगले पांच साल के भीतर पीपीपी मोड राज्य सेक्टर नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन (सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट) व्यवस्था लागू करने को प्राथमिकता पर रखा है। वित्तीय वर्ष 2012-2013 में जिन पालिकाओं में यह व्यवस्था लागू होनी है, उनमें वृंदावन भी शामिल है। गत 13 सितंबर को जारी शासनादेश में प्रमुख सचिव प्रवीर कुमार ने चयनित नगर पालिकाओं में जगह को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं और साथ ही कहा है कि यह शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों के अंतर्गत आता है।
धर्मनगरी में प्रतिदिन लगभग 30 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है, जिसे अक्षय पात्र, वृंदावन बंधु, फूड फॉर लाइफ जैसी निजी संस्थाओं के साथ नगर पालिका प्रबंधित करती है। नगर पालिका के लगभग 65 कर्मचारी सफाई व्यवस्था संभाले हुए हैं। इस सॉलिड वेस्ट मैनेजेंट को प्रदेश सरकार ने जनकल्याणकारी बनाने के उद्देश्य से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) की वकालत की है, लेकिन पालिका के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जरूरी भूमि के अभाव में यह चुनौती भरा है। अब तक पागल बाबा के समीप जिस स्थान पर कूड़ा इकट्ठा किया जाता था, वह स्थान भी नवीन उपमंडी परिसर के लिए चिह्नित किया जा चुका है। नगर पालिका परिषद् को यह आदेश चार दिन पूर्व ही प्राप्त हो चुका है।। कूड़े का सही प्रबंधन उसका खाद बनाकर या समुचित रूप से नष्ट करके किया जाता है। जबकि ऐसी कोई व्यवस्था नगर में नहीं है। कूड़ा प्रबंधन के नाम पर जिस नियत स्थान पर कूड़ा जाता है, वह भी खुला और गैर नियोजित है। जिससे आसपास के क्षेत्रों में बीमारी फैलने का खतरा रहता है।


निजी हाथों में है दारोमदार
वृंदावन (ब्यूरो)। जहां धर्मनगरी वृंदावन में सफाई और कूड़ा प्रबंधन का जिम्मा वृंदावन बंधु, फूड फॉर लाइफ, अक्षय पात्र और वृंदावन जैसी संस्थाओं पर है, तो बायोमेडिकल वेस्ट का प्रबंधन मंडल भर में दत्त एंटरप्राइजेज नाम की संस्था करती है। जहां शहर भर में प्रतिदिन लगभग 30 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है। वहीं मंडल भर में निकलने वाला बायोमेडिकल अपशिष्ट दो सौ किलो है।

बनेगी प्रभावी योजना
वृंदावन (ब्यूरो)। नगर की सफाई व्यवस्था और पीपीपी मॉडल के तहत कूड़ा प्रबंधन के किसी भी शासनादेश से हालांकि पालिकाध्यक्ष अभी तक अनभिज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक भूमि चिह्नित करने के साथ ही पीपीपी मॉडल को भी कारगर बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने सफाई कर्मियों की तथा आधुनिक उपकरणों की कमी की बात भी रखी।

63 हजार की आबादी 65 सफाई कर्मी
वृंदावन (ब्यूरो)। धर्मनगरी वृंदावन में लगभग 63 हजार की आबादी पर नगर पालिका के 65 कर्मचारी सफाई का दारोमदार संभाले हुए हैं। यह वास्तव में बड़ी चुनौती है और नगर की सफाई व्यवस्था देखकर इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। ऐसे में निजी और स्वयंसेवी संस्थाओं की व्यवस्था पर काफी कुछ निर्भर रहता है।

Spotlight

Most Read

Chandigarh

बॉर्डर पर तनाव का पंजाब में दिखा असर, लोगों में दहशत, BSF ने बढ़ाई गश्त

बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान में हो रही गोलीबारी का असर पंजाब में देखने को मिल रहा है, जहां लोगों में दहशत फैली हुई है। बीएसएफ ने भी गश्त बढ़ा दी है।

21 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में बदमाश बेखौफ, मथुरा में खेत में गई महिला की हत्या

यूपी पुलिस इन दिनों एक के बाद एक एनकाउंटर कर रही है लेकिन इसका डर बदमाशों में नहीं दिख रहा है। बदमाश बेखौफ है जिसका नतीजा शुक्रवार को मथुरा में देखने को मिला। खेत में गई महिला को लूटेरों ने पहले लूटा और फिर हत्या कर दी।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper