जले युवक की मौत के बाद बवाल

Mathura Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
मथुरा। डेढ़ माह पूर्व संदिग्ध रूप से जले युवक की मौत से कुपित परिजनों ने रविवार को एसएसपी कार्यालय पर जमकर हंगामा काटा। परिजन दहेज हत्या के चक्कर में जेल में निरुद्ध मां-बाप को मृतक के अंतिम दर्शन कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। बाद में शव जेल ले जाकर मां-बाप को अंतिम दर्शन कराए।
हाइवे थाना क्षेत्र की अवधपुरी कालोनी निवासी महावीर सिंह के पुत्र उपेंद्र सिंह की शादी वर्ष 2005 में यमुनापार के गांव गौसना निवासी युवती बबिता से हुई। 2006 में बबिता ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में बबिता के माइके के लोगों ने दहेज हत्या क ी रिपोर्ट उपेंद्र, महावीर व उसकी पत्नी विमला के खिलाफ कराई। इस मामले में कोर्ट ने तीनों को 10 साल की सजा सुनाई। उपेंद्र ढाई माह पूर्व जमानत पर जेल से छूटा।
उपेंद्र के भाई मोनू का आरोप है कि सात जुलाई की सुबह बबिता के भाई कांति व बनवारी निवासी गौसना यमुनापार व उनका साढू राजा चौहान बाइक से घर आए और उपेंद्र की पिटाई करते हुए उसके ऊपर मिट्टी के तेल की कट्टी उड़ेल आग लगा दी। इससे उपेंद्र गंभीर जल गया। इसके बाद तीनों हमलावर भाग गए। परिवारीजनों व पड़ोसियों ने उसे महोली रोड स्थित नर्सिंग होम में 75 प्रतिशत जली हालत में भर्ती कराया था। वहां से उसे आगरा फिर दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। उपेंद्र की शनिवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। इधर, उपेंद्र के मामले में हाइवे पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही किसी को गिरफ्तार किया।
कुपित होकर मृतक के परिवारीजन व 70-80 रिश्तेदार सायं 3.30 बजे शव लेकर एसएसपी निवास पहुंच गए और हंगामा काटा। परिवारीजन मां-बाप के उपेंद्र के अंतिम संस्कार में शामिल होने के इजाजत मांग रहे थे। सूचना पर सीओ सिटी मुकुल द्विवेदी, एसओ हाइवे, एसओ रिफाइनरी, एसओ सदर आदि पहुंच गए। हंगामा करते लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। बाद में पुलिस ने भाई मोनू व आशीष के साथ जेल ले जाकर मृतक के पिता महावीर और मां विमला को अंतिम दर्शन करा कर शव सौंप दिया।

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