जर्जर मकान, खतरे में जान

Mathura Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
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मथुरा। शहर में आधा सैकड़ा मौत की इमारतें मौजूद हैं। ये कभी भी किसी भी वक्त कहर बरपा सकती हैं। इन इमारतों की नींव दिन रोज कमजोर हो रही है।
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी का आकार भले ही पिछले एक दशक के दौरान कई किलोमीटर में फैल गया हो, लेकिन बड़ी आबादी आज भी होलीगेट के अंदर छत्ता बाजार के आसपास रहती है। यहां सैकड़ों साल पुरानी इमारतें आज भी मौजूद हैं। इनमें से करीब 50 इमारतों की स्थिति बेहद जर्जर है। ये इमारत सौ से दो सौ साल या फिर इससे भी ज्यादा पुरानी हैं। जो चूना, कंकड़ और ककइया ईंटों से बनी हैं। इसमें से ज्यादातर विशाल हवेली के रूप में हैं। शहर के राजकीय इंटर कालेज की दशा भी अत्यंत जर्जर है।
इन इमारतों की नींव निरंतर कमजोर हो रही है। ये कभी भी शहर में बडे़ हादसे का कारण बन सकती हैं। पीर पंच गली का एक मकान तो बिल्कुल गिरासू हालत में है। इन जर्जर इमारतों से न केवल इनमें रहने वाले लोगों के जीवन पर संकट है, बल्कि आसपास के मकानों में रह रहे लोगों के लिए भी ये बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।

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