बैंकों में हड़ताल : सन्नाटा, प्रदर्शन और बेबसी

Mathura Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
मथुरा। बैंक में खामोशी से लेनदेन की प्रक्रिया की जगह बुधवार को आक्रोश की आवाज बुलंद हो रही थी। सुबह दस बजते-बजते बैंककर्मियों की एकजुटता आंदोलन की आवाज बन गई। बैंक गेट से लेकर शहर के हृदय स्थल होलीगेट तक बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ यूनियंस के आह्वान पर जिले भर में सफल रही। वहीं इस हड़ताल से कई बैंक उपभोक्ता परेशान नजर आए। जरूरी कामों के लिए लेन-देन न होने से वे बैंक की चौखट से निराश ही लौट गए।
बैक कर्मचारियों ने भारतीय स्टेट बैंक और सिंडिकेट बैंक की मुख्य शाखा पर जबर्दस्त प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके साथ ही सिंडिकेट बैंक से होली गेट तक जूलूस भी निकाला गया। यहीं पर जुलूस सभा में परिवर्तित हो गया। सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय सचिव विश्वनाथ गुप्ता ने कहा कि हमारी मांगे केवल बैंक कर्मचारियों के हितों में ही नहीं है, बल्कि इससे जनता का भी हित होगा। सरकार 1990 से ही बैंकों के निजीकरण का प्रयास कर रही है। बैंक यूनियन तभी से इसका विरोध कर रही हैं। अगर सरकार उस समय अपने षडयंत्र में सफल हो गई होती तो आज देश बरबाद हो गया होता। कमरेड नरेश शर्मा ने कहा कि बेबसी में हड़ताल पर जाना पड़ा, यदि सरकार हमारी मांगे नहीं मानती तो अभी आगे भी हड़ताल करनी पडे़गी। घनश्याम सिंह ने कहा कि सरकार मजदूर विरोधी नीतियों को देश में लागू करके पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाह रही है। का. महेश भार्गव ने कहा कि केवल बैंककर्मियों का ही नहीं देश के समस्त नागरिकों का कर्तव्य बनता है कि देश के बैंकों को लुटने से बचाएं। प्रर्दशनोपरांत यूनाइटेड फ ोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक बामनजी चतुर्वेदी की अध्यक्षता में संपन्न सभा में आल इंडिया बैंक ऑफीसर्स एसोसिएशन के जिला मंत्री गुलशन चावला ने बैंकों में रिक्त लाखों पदों पर नियुक्तियां करने की भारत सरकार से मांग की। सिंडिकेट बैंक इम्पलाइज यूनियन के प्रांतीय सहमंत्री बीके भार्गव ने बैंकों में रोजाना के कार्यों की ऑउट सोर्सिंग का विरोध किया। यूएफबीयू संयोजक मंडल के सदस्य तालेवर चतुर्वेदी ने उपस्थित बैंककर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि अर्से से लंबित मुद्दों का समाधान न होने पर बैंक कर्मियों में भयंकर क्षोभ व आक्रोश है, जिसे हड़ताल के माध्यम से व्यक्त किया जा रहा है। सरकार नहीं मानी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में गजेंद्र सिंह, एसएस खत्री, केके शर्मा, राकेश माहेश्वरी, कमल सिंह, आरके गोस्वामी, विजय गौतम, राकेश खदरिया, डा.सोहन लाल, प्रीती कैन आदि उपस्थित थे। वहीं बैंक बंद में कामकाज ठप होने से उपभोक्ता परेशान नजर आए। वे जरूरी लेन-देन न होने से चिंतित थे। उनका कहना था कि बैंक हड़ताल से उनके धंधे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

Spotlight

Most Read

Jharkhand

गरीबी की वजह से इस शख्स ने शुरू किया था मिट्टी खाना, अब लग गई लत

गरीबी की वजह से झारखंड के कारु पासवान ने मिट्टी खानी शुरू की थी।

19 जनवरी 2018

Related Videos

मथुरा में पुलिस की गोली लगने से हुई थी नाबालिग की मौत, पुलिस ने कुबूला

मथुरा के मोहनपुर अडूकी गांव में हुई बच्चे की मौत में पुलिस ने लापरवाही की बात मानी है। मथुरा पुलिस के आला अधिकारियों ने माना की दबिश के दौरान फायरिंग में बच्चे की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई।

19 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper