बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

दो और किसानों की सदमे से मौत

ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी Updated Wed, 01 Apr 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन
two farmers death of Shock

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
बरनाहल/आलीपुर खेड़ा(मैनपुरी)। बारिश से तबाह हुई फसलों और कर्ज के बोझ तले दबे दो और किसानों की सदमे से मौत हो गई। दोनों ही किसानों के परिवारीजनों का दावा है कि फसलों को हुई क्षति और कर्ज अदा करने की चिंता से सदमे में आकर मौत हुई है।
विज्ञापन

बरनाहल के ग्राम सराय मुगलपुर के किसान राधेश्याम शाक्य (37) ने खेत में ही दम तोड़ दिया। राधेश्याम के पास दो बीघा जमीन थी। उसने अपनी दो बीघा और उगाही पर लिए 13 बीघा खेत में आलू की फसल पैदा की थी। आठ दिन पूर्व आलू की खोदाई तो कर ली लेकिन बारिश से काफी आलू खराब हो गया। आलू को कोई खरीदने को तैयार नहीं था। उसने आलू की फसल के लिए डेढ़ लाख रुपये साहूकारों से कर्ज ले रखा था। आलू की फसल खराब होने और उसकी बिक्री न होने से राधेश्याम कई दिनों से सदमे में थे। मंगलवार की शाम वह खेत पर सोने के लिए चले गए और सुबह उनका शव मिला। परिवार के लोगोें के अनुसार उनकी सदमे से मौत हो गई है। राधेश्याम की मौत से परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पत्नी सुनीता, पुत्र  मंजेश, शिवा और आरजू का रोते-रोते बुरा हाल है। सुनीता ने कहा कि अब कैसे कर्ज चुकाया जाएगा और कैसे परिवार का खर्चा चलेगा समझ में नहीं आता। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं आलीपुर खेड़ा क्षेत्र के ग्राम गढ़िया गोविंदपुर में मंगलवार की रात करीब 10 बजे राजपाल लोधी (40) की फसल तबाह होने के सदमे में जान चली गई। पत्नी सरिता देवी ने बताया कि अपनी सात बीघा जमीन के अलावा 10 बीघा जमीन बंटाई पर लेकर आलू और गेहूं की फसल की थी। बारिश से आलू और गेहूं की फसल बर्बाद होने से राजपाल कई दिनों से गुमसुम रहे रहे थे। दो बीघा जमीन गिरवी रखकर उन्होंने एक लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। फसल बर्बाद होने और कर्जे की अदायगी के सदमे में आकर हार्टअटैक पड़ने से उनकी मौत हो गई। राजपाल लोधी के दो बच्चे हैं और आय का जरिया खेती ही है।

 
अब तक हुई आठ किसानों की मौत
सराय मुगलपुर के राधेश्याम शाक्य और गढ़िया गोविंदपुर के किसान राजपाल लोधी की मौत के बाद फसलों की बर्बादी के चलते मरने वाले किसानों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। अब तक इनमें से किसी किसान के परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
- 14 मार्च को ग्राम औरंगाबाद के किसान रोहन सिंह की फसलें बर्बाद देख हार्टअटैक से मौत हो गई थी।
- 15 मार्च को कांकन के किसान राजेंद्र शाक्य ने फांसी लगाकर जान दे दी थी।
- 17 मार्च को कुरावली के घरनाजपुर के किसान रामवीर सिंह की सदमे से हार्टअटैक पड़ने से मौत हो गई थी।
- 20 मार्च को करहल क्षेत्र के ग्राम बूरामई के किसान श्रीचंद्र की भी सदमे से मौत हो गई थी।
- 23 मार्च को ग्राम नगला बोझिया निवासी किसान धनीराम यादव ने पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी थी।
- 24 मार्च को बिछवां के किसान रामकिशन की गेहूं की फसल तबाह होने से हार्टअटैक से मौत हो गई थी।  
............................................................
जिले में फसलों की बर्बादी को लेकर किसी किसान की मौत नहीं हुई है। कुछ मामलों में फसलों की बर्बादी से मौत होने के दावे आए हैं उनकी जांच कराई जा रही है। किसानों की मौत से संबंधित रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन से निर्देश मिलने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
                                    डाक्टर चंद्रभूषण, एडीएम

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us