बंद रहे मेडिकल स्टोर, भटके मरीज

ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी Updated Thu, 15 Oct 2015 12:01 AM IST
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Medical stores were closed, wandering patient

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मैनपुरी। सरकार की दवा नीति के विरोध में ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की अपील पर बुधवार को जिले में केमिस्टों ने दवा की दुकानें बंद रखीं। जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर पीएम, सीएम और एफ डीए के कमिश्नर को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। दवा की अधिकांश दुकानें बंद रहने से रोगी परेशान रहे। वहीं डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने हड़ताल का विरोध करते हुए दवा की दुकानें खोलीं।
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बुधवार को जिले भर के दवा विक्रेता अपने प्रतिष्ठान बंद कर स्टेशन रोड स्थित प्रज्ञा मेडिकल स्टोर पर एकत्रित हुए। वहां से एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां अध्यक्ष ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी का विचार मान्य नहीं है। इससे मरीजों के स्वास्थ्य और दवाओं की गुणवत्ता से खिलवाड़ होगा। जीवन रक्षक दवाओं का अभाव होगा। सचिव विनय गांधी ने कहा कि नए नियमों से आठ लाख केमिस्ट और 40 लाख कर्मचारी प्रभावित होंगे। फार्मासिस्ट एवं लाइसेंस नवीनीकरण समस्या का समाधान हो।
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्टेशन के कमिश्नर डाक्टर हर्षदीप कमल के नाम संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपा। इस मौके पर सतीश भटनागर, परिवर्तन दीक्षित, अनुज पांडेय सहित बड़ी संख्या में केमिस्ट मौजूद थे। इस मौके पर नगर के अलावा भोगांव, बेवर, नवीगंज, किशनी, कुसमरा, कुर्रा, करहल, बरनाहल, घिरोर, ज्योंति, कुरावली, सुल्तानगंज आदि से केमिस्ट पहुंचे। वहीं अधिकांश दवा की दुकानें बंद रहने से रोगी भटकते रहे। किशनी में केमिस्टों ने एक मेडिकल स्टोर पर बैठक की।
डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने खोले मेडिकल
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलामंत्री शिवमंगल सिंह ने जिला अस्पताल में पत्रकारों में कहा कि फार्मासिस्ट लोगों की परेशानी को देखते हुए मेडिकल स्टोर खोले हुए हैं। औषधि कानून के तहत औषधि की बिक्री केवल फार्मासिस्ट ही कर सकता है। फार्मासिस्ट के बगैर दवा का निर्माण और बिक्री दंडनीय है। उन्होंने कहा कि फुटकर दवा विक्रेता द्वारा दुकान खोलने से पूर्व शपथ पत्र देकर कहा जाता है कि उनकी दुकान पर फार्मासिस्ट उपस्थित रहकर विधिवत कार्य करेगा तो अब काहे का विरोध कर रहे हैं। देश में फार्मासिस्टों की कोई कमी नहीं है। देश में 11 लाख रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हैं। इनमें से 70 हजार रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट उत्तर प्रदेश में ही हैं। इनमें से 55000 से अधिक फार्मासिस्ट बेरोजगार हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, केके दुबे, हरनाथ सिंह, ऋषि प्रकाश यादव, वीपी मसीह, शिवदत्त सिंह आदि मौजूद थे।

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