गलियों की पिच पर सचिन बनने की तमन्ना

Mainpuri Updated Mon, 25 Nov 2013 05:39 AM IST
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मैनपुरी। भले ही क्रिकेट की चमक-दमक के चलते किशोर, युवा और बड़ों का रुझान खेल की ओर बढ़ा हो, मगर जिले में उपेक्षा भी कम नहीं है। अधिकांश इंटर कालेजों में न तो खेल के मैदान हैं और न मैदानों में पीटीआई की तैनाती। इस खेल को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर से भी कोई खास प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में सचिन और गांगुली की तरह कॅरिअर बनने की चाहत रखने वाले खिलाड़ी ठीक से चौके और छक्के तक नहीं लगा पा रहे हैं।
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सरकारी स्तर पर जिले में क्रिकेट की उपेक्षा हो रही है। नगर के पावर हाउस रोड निवासी कक्षा 10 के छात्र शिवम शुक्ला का कहना है कि पार्क हों या कालोनी की गलियां हर जगह बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आते हैं। क्रिकेट में बेहतर भविष्य हर कोई देख रहा है मगर उपेक्षा के चलते कामयाबी नहीं मिल पा रही है। कालेजों में न तो क्रिकेट की किट है और न ही प्रशिक्षक। ऐसे में कैसे तैयारी हो सकेगी। नगला नया निवासी कक्षा 11 के छात्र विवेक पाल का कहना है कि कालेज में खेल के लिए प्रशिक्षक ही नहीं हैं। ऐसे में वह क्रिकेट खेलने का नाम तो कर सकते हैं लेकिन उसकी बारीकियों की जानकारी नहीं कर सकते।
आगरा बाईपास रोड निवासी अमन यादव का कहना है कि जिले में शासन स्तर से क्रिकेट की उपेक्षा की जा रही है। सरकार को कालेजों में खेल के मैदान सही कराकर वहां प्रशिक्षकों की तैनाती करनी चाहिए। नगर के न्यू बस्ती देवपुरा निवासी आदित्य भदौरिया का कहना है कालेज में क्रिकेट न होने के चलते वह अवकाश वाले दिन मैदान में अपने दोस्तों के साथ खेलने जाते हैं। कालेजों में खेल को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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66 में से 41 कालेजों में नहीं पीटीआई
जिले के आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो सहायता प्राप्त 53 इंटर कालेज और 13 राजकीय इंटर कालेज हैं। इनमें से केवल 41 कालेजों में पीटीआई की तैनाती नहीं है। वित्त विहीन इंटर कालेजों में स्थिति और अधिक खराब है। कालेजों में जब प्रशिक्षक ही नहीं हैं तो खेल के सामान की किट और सुविधाएं मिलना तो असंभव ही है।
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बेहतर नहीं है प्रशिक्षण की व्यवस्था
जिला क्रीड़ाधिकारी पीके गुप्ता का कहना है कि स्टेडियम में क्रिकेट के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। वह स्वयं कोच हैं। अभी उनके पास 35 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका भी मानना है कि जिले में क्रिकेट के प्रशिक्षण की व्यवस्था बेहतर नहीं है।
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