नेत्र विभाग में दिखा एस्मा का असर

Mainpuri Updated Thu, 21 Nov 2013 05:39 AM IST
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मैनपुरी। प्रदेश सरकार द्वारा एस्मा लगाने की चेतावनी का असर नेत्र विभाग में देखने को मिला। वहीं घोषणा करने के बाद भी नर्सेज संघ और मनरेगा कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। इसके अलावा अन्य संगठनों के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से प्रशासनिक कार्य ठप पड़ते जा रहे हैं। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत समेत विकास से जुड़े महकमों में विकास से संबंधित कार्य लटके हुए हैं।
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प्रदेश सरकार के हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद जिले के सभी 11 नेत्र परीक्षक काम पर वापस लौट आए हैं। नेत्र परीक्षकों के काम पर लौटने से जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में नेत्र रोगियों के उपचार का कार्य शुरू हो गया है। वहीं अन्य संगठनों के हड़ताली कर्मचारी नौंवें दिन भी काम पर नहीं लौटे। इसके चलते तहसील संबंधी कार्य ठप पड़े हुए हैं। खतौनी, जाति और आय प्रमाण पत्र के लिए तहसील में बनाई गई एकल खिड़की पर सूचना चस्पा की गई है कि हड़ताल के चलते प्रमाण पत्र देने का कार्य नहीं हो पा रहा है। रामसनेही ने बताया कि जमीन का दाखिल खारिज कराना है लेकिन लेखपाल हड़ताल के कारण मिल ही नहीं रहे हैं।
अमीन संघ के हड़ताल में शामिल होने से राजस्व वसूली का कार्य लटक गया है। अमीन संघ के जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार मिश्रा ने दावा किया कि जिले के सभी अमीन हड़ताल में शामिल हैं और राजस्व वसूली का काम पूरी तरह ठप कर दिया गया है। एएनएम, आशा और हेल्थ वर्करों के भी हड़ताल में शामिल होने से ग्रामीण अंचल की स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रहीं हैं।
हक के लिए जेल जाने को भी तैयार
मैनपुरी। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित तिकोनिया पार्क में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बैनरों के साथ हड़ताली कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां से प्रदेश सरकार के विरोध और मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने रैली के रूप में शहर की ओर रुख किया। बाद में तहसील सदर में पहुंचकर रैली धरना सभा के रूप में परिवर्तित हो गई। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के जिलाध्यक्ष केशव सिंह यादव ने कहा कि सरकार चाहे एस्मा लगा ले या इससे बड़ी दमनात्मक कार्रवाई कर ले कर्मचारी हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे। यदि अपने हकों के लिए जेल भी जाना पड़ा तो कर्मचारी जेल जाने को तैयार हैं। सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी की तो सभी आवश्यक सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। अमीन संघ के जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित धरना सभा को राजीव कुमार मिश्रा, राजेंद्र कुमार तनेजा, अलकेश कुमार मिश्रा, यदुनाथ सिंह, सुनील कुमार जौहरी, डाक्टर अनिल मिश्रा, जयपाल सिंह ने संबोधित किया।

उपस्थित पंजिका होगी चेक
प्रदेश सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बाद डीएम वीके पवार ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर कहा है कि वह पूर्वाह्न, अपराह्न और कार्यालय अवधि समाप्त होने के 10 मिनट पूर्व उपस्थित पंजिका मंगाकर इस तथ्य की जांच करें कि जो कर्मी कार्यालय आए थे वह कार्यालय अवधि तक काम पर रहे या नहीं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हड़ताल में भाग लेने वाले कार्मिकों को कार्य नहीं तो वेतन नहीं के सिद्धांत के आधार पर हड़ताल अवधि के वेतन का भुगतान नहीं करें।
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