एमओआईसी और लिपिक से होगी रिकवरी

Mainpuri Updated Fri, 25 Oct 2013 05:37 AM IST
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किशनी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी में तैनात एक एएनएम के जीपीएफ खाते से बिना मांगे ही वर्ष 2003 में 80 हजार रुपये निकल गए। जानकारी होने पर अधिकारियों से शिकायत की। उनके सुनवाई नहीं करने पर एएनएम ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ का कहना है तत्कालीन एमओआईसी और लिपिक पर रिकवरी निकाली गई है। शीघ्र ही धनराशि जमा कराई जाएगी।
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पीएचसी किशनी में राजेश्वरी यादव लगभग 12 वर्षों से एएनएम के पद पर तैनात हैं। बिना आवेदन किए वर्ष 2003 में उसके जीपीएफ खाते से 80 हजार रुपये निकल गए। नवंबर 2012 में पुत्री की शादी के लिए उन्होंने जीपीएफ से 1.50 लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया तो मामले की जानकारी हुई। शिकायत पर किसी ने सुनवाई नहीं की। एएनएम ने अब मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उसे बताया गया कि लोन के लिए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल ने अनुमति दी है। वहीं, सीएमओ डाक्टर वीके गुप्ता का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने इसकी जांच कराई है। जांच में तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी किशनी डाक्टर रामगोपाल सत्यार्थी और तत्कालीन लिपिक आरसी गुप्ता दोषी पाए गए हैं। दोनों से 40-40 हजार रुपये की रिकवरी निकाली गई है।
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