विज्ञापन
विज्ञापन

जवान की मौत से सदमे में गांव

Mainpuri Updated Mon, 25 Feb 2013 05:30 AM IST
ख़बर सुनें
मैनपुरी। नौगांव असम में सीआरपीएफ जवान की ड्यूटी के दौरान मौत की जानकारी के बाद से पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले। रविवार सुबह जैसे ही शव गांव पहुंचा वैसे ही ग्रामीणों में कोहराम मच गया। जवान के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चों को देख मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की आंखें भी नम हो गईं। वहीं परिवारीजन हत्या का आरोप लगा रहे थे।
विज्ञापन
नौगांव असम से रविवार सुबह छह बजे सुभाष का शव थाना एलाऊ पहुंचा। यहां से थाना एलाऊ पुलिस को साथ लेकर जवान सात बजे गांव नखतरपुर पहुंचे। शव जैसे ही सुभाष के दरवाजे पर पहुंचा। बेटे का शव देख सुभाष के पिता रामसनेही और मां सुरेता देवी पर तो मानों दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। पत्नी पुष्पा को सदमा लगा कभी रोती तो कभी गुमसुम हो जाती। पुत्र अंकित और पुत्री स्वर्णिका अपनी मां को रोते देख अधीर हो रहे थे। मुख्यमंत्री ने नखतरपुर पहुंचकर परिवारीजनों के साथ ही प्रधान गोविंद यादव से भी जानकारी जुटाई। सुभाष के पुत्र अंकित और पुत्री स्वर्णिका का विलाप देख मुख्यमंत्री की आंखें नम हो गईं। उन्होंने दोनों बच्चों को अपने पास बुलाकर उन्हें ढांढस बंधाया। गांव पहुंचे डीएम वीके आनंद, एसपी श्रीकांत सिंह, प्राविधिक शिक्षा राज्य मंत्री आलोक शाक्य, पैकफेड के चेयरमैन तोताराम यादव, विधायक बृजेश कठेरिया, ब्लाक प्रमुख जागीर आशुतोष यादव, जिला अध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा, महासचिव चंद्रपाल सिंह, नृप चौधरी, सतीश यादव ने परिजनों को ढांढस बंधाया।

अधिकारी हुए परेशान
मुख्यमंत्री के लखनऊ से आने की जैसे ही जानकारी मुख्यालय पर पहुंची। वैसे ही अधिकारी व्यवस्थाओं में जुट गए। नखतपुर जाने वाले रास्ते के बीच एक खंदी को आनन-फानन में जेसीबी से पाट दिया गया। हालत यह थी कि गांव में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को लगातार समझा रहे थे। परिवारीजनों से मिलने के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला मैनपुरी के लिए चला तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

करना पड़ा विरोध का सामना
सुभाष यादव का शव लेकर गांव पहुंचे सीआरपीएफ के जवानों को ग्रामीणों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। शव लेकर आए जवान जय सिंह, राजबिंदर सिंह, सुधीर कुमार, सुनील कुमार, सनी कुमार गांव का माहौल देख ग्रामीणों की हां में हां मिलाते रहे। सुभाष 1992 में सेना में भर्ती हुआ था। मिलनसार स्वभाव का होने के कारण वह जब भी गांव आता था लोगों से घंटों बैठकर बात करता था। सुभाष की याद करते हुए गांव के डिप्टी सिंह यादव, कैलाश यादव, सत्यदेव यादव, विजय सिंह यादव, शिवराज सिंह यादव, जयजय राम अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पा रहे थे। सुभाष की बहन अनीता का तो और बुरा हाल था।
0000
फांसी लगाकर दी थी जान
शव लेकर आए जय सिंह की मानें तो सुभाष ने अपने आवास में फांसी लगाकर आत्म हत्या की है। उसके शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। अधिकारियों ने कोई कागज नहीं दिए। इसलिए वह कागज लेकर नहीं आए। उन्हें अपने साथी की मौत का गम है। सुभाष को स्टोर का चार्ज दिया गया था। उससे पहले यह चार्ज रामलाल एएसआई के पास था। 119 बटालियन में रामलाल का तबादला हो जाने के बाद सुभाष को चार्ज दिया गया था।
0000
उत्पीड़न करने का आरोप
सुभाष के चाचा कोमल सिंह को यकीन ही नहीं होता कि उनका होनहार भतीजा सुभाष इस दुनियां में नहीं है। उनका आरोप है कि सुभाष को जबरन चार्ज दिया गया। जब उसने स्टॉक में गड़बड़ी होने की शिकायत अधिकारियों से की तो उसे चुप करा दिया गया। विरोध करने पर उत्पीड़न भी किया गया। सुभाष ने इसकी जानकारी एक नहीं दो-चार बार अपनी पत्नी और बहन को फोन पर दी। सुभाष को अगर अनहोनी की आशंका नहीं थी तो वह बार-बार हत्या की आशंका क्यों जता रहा था। उनका आरोप है कि सुभाष ने जब छुट्टी मांगी तो उसे छुट्टी भी नहीं दी गई।
विज्ञापन

Recommended

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Agra

श्रीराम का जन्म होते ही लगे जय श्रीराम के जयकारे

श्रीराम का जन्म होते ही लगे जय श्रीराम के जयकारे

15 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

मध्य-प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय और हेमा मालिनी पर दिया बेतुका बयान

मध्य-प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने सड़कों के बहाने कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा सांसद हेमा मालिनी को लेकर बेतुका बयान दिया है।

15 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree