मंदिर की जमीन बेचने पर रोक

Mainpuri Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
भोगांव। सपा सरकार के धार्मिक स्थलों की संपत्तियों विशेषकर भूमि की जांच के आदेश के बाद भोगांव तहसील प्रशासन के हरकत में आने से मंदिर का भूमि घोटाला उजागर हुआ है। नगर के राधा मोहन महाराज बिराजमान ऊपरटीला मंदिर की 47 बीघा भूमि दस वर्षों के दौरान गलत ढंग से बेच ली गई। एसडीएम ने बैनामा के सत्यापन के साथ ही तीन दिन में जांच करने के आदेश और मंदिर की जमीन बेचने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही पूर्व में बेची जा चुकी भूमि के दाखिल खारिज के निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

मुहल्ला ऊपरटीला स्थित राधा मोहन मंदिर की जमीन को बिना वैधानिक अनुमति के खरीदना एवं बेचना प्रशासन की नजर में गैर कानूनी है। उप जिलाधिकारी वीके अग्रवाल ने तहसीलदार दिलीप कुमार यादव को मंदिर की बेची गई सभी संपत्तियों के बैनामा की सत्यता की जांच तीन दिन में पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मंदिर के पुजारी रामचंद्र अग्निहोत्री के निधन के बाद उनकी पत्नी दुर्गा देवी कथित रूप से भू अभिलेखों में मंदिर संपत्ति की सरवराहकार (देखरेख करने वाला) हो गई। उन्होंने मंदिर की भूमि बेचना शुरू कर दिया। इसी बीच वर्ष 1997 में मोहल्ला ऊपरटीला के ग्रीशचंद्र सक्सेना ने मंदिर की भूमि बेचे जाने पर रोक लगाने और दुर्गा देवी को फर्जी सरवराहकार ठहराते हुए कोर्ट में मुकदमा दायर किया। सिविल कोर्ट ने वर्ष 1998 में ग्रीशचंद्र को सरवराहकार मान लिया। इसके कुछ समय बाद दुर्गा देवी की मृत्यु हो गई और उनका पुत्र सुरेशचंद्र अग्निहोत्री सरवराहकार बन गया। इस दौरान भूमि के बेचने का सिलसिला लगातार चलता रहा।
सोमवार की शाम उप जिलाधिकारी ने मंदिर से संबंधित दोनों पक्षों की बैठक बुलाई और मंदिर की जमीन पर निर्माण नहीं करने की हिदायत दी। उप जिलाधिकारी ने कहा है कि बैनामा में गड़बड़ी पाई गई है। उन्होंने कानूनगो चोब सिंह यादव एवं लेखपाल जगत सिंह से मंदिर की अब तक बेची गई जमीन के बैनामा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जांच तहसीलदार दिलीप कुमार को सौंप दी है।
एसडीएम ने शिकायतकर्ता एवं जमीन खरीदने वालों से कहा कि सभी संबंधित पक्ष शुक्रवार को प्रात: दस बजे तक अपने ऐतराज उनके समक्ष प्रस्तुत करें। एसडीएम ने उप निबंधन कार्यालय की भूमिका को भी संदिग्ध माना है। पूर्व में बेची गई भूमि के दाखिल खारिज के निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ताकि मंदिर को भूमि वापस दिलाई जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us