बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

इंद्रकांत मामले की निष्पक्ष जांच को डीजीपी व अपर मुख्य सचिव से मिले मृतक के भाई

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 10:51 PM IST
विज्ञापन
अपर मुख्य सचिव को शिकायती पत्र देकर बाहर निकलते मृतक इंद्रकांत के भाई रविकांत, विजय व भतीजा शरद
अपर मुख्य सचिव को शिकायती पत्र देकर बाहर निकलते मृतक इंद्रकांत के भाई रविकांत, विजय व भतीजा शरद - फोटो : MAHOBA

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
महोबा। क्रशर कारोबारी इंद्रक्रांत त्रिपाठी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हितेश चंद्र अवस्थी को सौंपे पत्र में खुलासा करते हुए बताया कि घटना के समय इंद्रकांत के पास कुछ सबूतों की फाइल और एक डायरी भी थी, जो आठ सितंबर को गोली लगने के बाद से गायब है। इस बाबत अभी कोई जानकारी नहीं हुई है। कहा कि यदि डायरी और फाइल मिलती है तो घटना का एक महत्वपूर्ण साक्ष्य भी साबित हो सकता है।
विज्ञापन

कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान मृतक के भाई रविकांत त्रिपाठी ने लखनऊ पहुंचे पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी व अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ व प्रभावित करने की आशंका जताई है।

दोनों बड़े अफसरों को सौंपे पत्र में बताया कि उसके भाई इंद्रकांत से तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार छह लाख रुपये महीने की माहवार की अपने मातहतों से अवैध वसूली करवाते थे। पैसे देने से मना करने पर फर्जी मुकदमों में फंसाने का दबाव बनाया गया। सात सितंबर को इंद्रकांत ने वीडियो वायरल कर नौ सितंबर को प्रेस कांफ्रेंस करने की बात कही थी। इसके बाद पूर्व एसपी ने पेशेवर अपराधियों से उनके साले बृजेश शुक्ला को धमकी दिलाई, क्योंकि उसके भाई ने उक्त घोषणा के बाद फोन स्विच ऑफ कर लिया था, जिसके साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।
पत्र में बताया कि घटना की जांच के लिए एसआईटी ने साक्ष्य एकत्र किए, लेकिन उनके द्वारा दिए गए साक्ष्य, वायरल मैसेज व सोशल मीडिया के साक्ष्यों का सत्यापन पूर्व एसपी व उनके अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को तलब कर नहीं किया गया। आरोप लगाया कि सिपाही अरुण यादव पूरे क्षेत्र के क्रशर व्यापारियों को धमकाकर अवैध वसूली करता था। सरकारी सेवा में होने के बावजूद उसके पास 30 से 35 डंपर और मशीनें हैं। उन्होंने विवेचना एसपी स्तर से ऊपर के रैंक के अधिकारी से कराने, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी करवाने और मृतक परिवार व पार्टनरों की सुरक्षा करवाने की मांग की।
फोटो परिचय-18-कबरई थाने में बैठक कर समीक्षा करते आईजी के. सत्यनारायण। महोबा। कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मामले की विवेचना को गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के कार्यों व प्रगति की बृहस्पतिवार को चित्रकूटधाम मंडल के आईजी के. सत्यनारायण ने समीक्षा की और विवेचना व साक्ष्य संकलन के निर्देश दिए। कहा कि समीक्षा के दौरान पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। एक-एक बिंदु को जांच में शामिल कर साक्ष्य एकत्र किए जाए।
गौरतलब हो कि परिजनों ने मामले में पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के शामिल होने के चलते विवेचना एसपी स्तर से ऊपर के अधिकारी से कराने की मांग की थी। 29 सितंबर को आईजी ने विवेचना का पर्यवेक्षण करने को तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। बृहस्पतिवार को कबरई थाने पहुंचे आईजी ने क्रशर कारोबारी के भाई व मुकदमे में वादी रविकांत त्रिपाठी को भी बुलाया था। आईजी ने निष्पक्षता के साथ हर पहलू की तहकीकात करने के निर्देश दिए। बैठक में एएसपी हमीरपुर संतोष सिंह, सीओ आनंद पांडेय व अरुण पाठक मौजूद रहे। संवाद

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us