झमाझम बारिश से पत्थर खदानें जलमग्न, खनन हुआ ठप

Mahoba Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
कबरई (महोबा)। तीन दिन से हुई अनवरत झमाझम बारिश से मंडी के खनन क्षेत्रों में कई जगह लबालब पानी भर गया जिससे पहाड़ों पर खनन कार्य ठप हो गया। मंडी में काम करने वाले 20 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए जिन्हें रक्षाबंधन पर्व से रोजी रोटी की तलाश में दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
लखनऊ, कानपुर, राबरेली सहित विभिन्न बड़े शहरों को स्टोन ग्रिट की आपूर्ति करने वाली कबरई पत्थर मंडी में रक्षाबंधन से शुरू हुई बारिश रुक रुक कर जारी है। इससे कई पत्थर खदानें जलमग्न हो गई। बघवा, गौहारी, मोचीपुरा, बूढ़ी गौहारी, पचपहरा, डहर्रा, गंज की पत्थर खदानों में पानी भर गया जिससे वहां खनन कार्य करना असंभव हो गया है। अनवरत हो रही बारिश से श्रमिक को पहाड़ों पर काम नहीं मिल रहा है और क्र्रेशर प्लांटों को कच्चे माल की आपूर्ति न हो पाने से वहां भी उत्पादन पर विपरीत असर पड़ रहा है। कबरई मंडी में सौ से अधिक खनन पट्टे हैं जहां से प्रतिदिन एक हजार से बारह सौ ट्रक स्टोन ग्रिट का उत्पादन होता है। इस कारोबार से जुड़े पत्थर व्यापारी कंधीलाल यादव का कहना है कि पहाड़ों पर भीषण बारिश से इतना पानी भर गया है जिसे खाली कराने में काफी समय लगेगा जितना पानी खदानों से खाली कराते हैं बारिश होते ही फिर उतना ही भर जाता है।
पहाड़ों पर काम कर रहे श्रमिक सुरेश अनुरागी, शिवप्रसाद कुशवाहा, कुल्लू रैकवार, दिनेश कुशवाहा ने बताया कि उनका परिवार पहाड़ों पर खनन कार्य दिहाड़ी मजदूरी पर कर रहा है लेकिन अब रक्षाबंधन पर्व से यहां काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। रोज रोज पहाड़ों पर जाकर काम की तलाश में रिमझिम बारिश में बैठे रहते हैं और काम न मिलने से वापस घर आ जाते है। कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर आर्थिक तंगी के कारण वे धूमधाम से पर्व को नहीं मना पा रहे हैं ठेकेदार बिना काम के एडवांस देने को तैयार नहीं है। ट्रांसपोर्टर और पत्थर कारोबारी अजयराज सिंह ने बताया कि उनके वाहन बारिश के चलते बिक्री और उत्पादन ठप होने के कारण खड़े हो गए हैं। घर से अपने स्टाफ का पैसा देना पड़ रहा है। पत्थर कारोबारी गौतम शर्मा का कहना है कि खदानों में फिर से काम शुरू करने में वक्त लगेगा जब तक पूरी तरह बारिश बंद नहीं हो जाती यहां मंडी में खर्चे निक ालना भी मुश्किल भरा काम है।

इनसेट -------------------
साठ करोड़ मिलता है पत्थर मंडी से राजस्व
कबरई। पत्थर व्यवसायिक नगरी कबरई से सरकार को सालाना साठ करोड़ रुपए का रजस्व मिलता है लेकिन इस साल पत्थर खदानों में पानीभर जाने से रजस्व का संकट छा गया है। पानी कम न होने से पत्थर कारेाबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस करोबार में तीस हजार से अधिक श्रमिक काम पर लगे हैं।

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