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जिला अस्पताल में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप

Mahoba Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
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महोबा। अंधेर नगरी चौपट राजा... यह पंक्ति शहर के जिला अस्पताल पर सटीक बैठती है। आलम यह है कि जिला अस्पताल में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। जिससे वार्डों में भर्ती मरीजाें को पंखे की हवा मिलना तो दूर एक्सरे कराने के लिए आने वाले मरीजाें को बिजली न आने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। जब बात आती है जनरेटर की तो स्वास्थ्य कर्मी डीजल न होने का रोना रो देते हैं। वहीं बिजली के अभाव में अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लटक रहा है।
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गौरतलब है कि भीषण गर्मी में जिला अस्पताल के पास से निकली लाइन में खराबी आने से जिला अस्पताल बिजली की समस्या से जूझ रहा है। जिससे उमस और गर्मी के चलते वार्ड में भर्ती मरीजाें और तीमारदाराें का बुरा हाल है। वार्डों में पंखे न चलने से मरीज बेहाल हो रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली न आने से एक्सरे कराने आने वाले मरीजाें को बिजली न होने की बात कहकर चलता कर दिया जाता है। जिससे मरीजाें और तीमारदाराें में स्वास्थ्य विभाग के प्रति खासा आक्रोश है। बिजली की समस्या के चलते स्वास्थ्य विभाग में रखी मशीनें और उपकरण भी शोपीस बन गए हैं। एक्सरे मशीन न चलने से मरीजाें को एक्सरे नहीं हो पा रहा है। जिससे दूर दराज के ग्रामीण अंचलाें से आने वाले मरीज रोजाना जिला अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं अल्ट्रासाउंड कक्ष में तो ताला लटक रहा है। जिससे मरीजाें को इन सुविधाआें का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।


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हाल पूछा तो आंखाें से छलका दर्द
महोबा। जिला अस्पताल की दो दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल न होने से एक्सरे मशीन, अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचें नहीं हो पा रही हैं। महकमा बिजली की व्यवस्था कर पाने में नाकाम साबित हो रहा है जिसका खामियाजा मरीज और तीमारदार भुगत रहे हैं।
ग्राम सिजवाहा निवासी दिलीप ने बताया कि वह अपने भाई ब्रजेश का एक्सरे कराने जिला अस्पताल आया था लेकिन एक्सरे टेक्नीशियन ने बिजली न आने की बात कहकर टरका दिया। अब वह बाहर बैठकर बिजली आने की इंतजार कर रहा है। ग्राम बारी से एक्सरे कराने आईं सावित्री देवी और बल्देव ने बताया कि वह सुबह 8 बजे से एक्सरे कराने के लिए अस्पताल आ गए थे। सुबह से बिजली न आने की बात कहकर लौटा दिया गया। बताया कि बृहस्पतिवार को भी बिजली का इंतजार करते-करते वह बिना एक्सरे कराए ही वापस लौट गई थी। रैपुरा के सचिन ने बताया कि उसके हाथ में चोट लग गई थी। एक्सरे कराने के लिए बार-बार जिला अस्पताल आना पड़ता है लेकिन एक्सरे नहीं हो पाता। जिससे बार-बार आने जाने में किराए में पैसे तो खर्च होते ही हैं साथ ही समय भी बर्बाद होता है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी बिजली की समस्या के निराकरण के लिए कोई पहल नहीं कर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रताप सिंह का कहना है कि अस्पताल के पास से निकली लाइन में खराबी आने के कारण अस्पताल की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि जनरेटर के डीजल के लिए पैसा कम होने के कारण थोड़ा बहुत जनरेटर चलाया जाता है।

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भइया जब बिजली ही नहीं है, मै क्या करूं?
महोबा। एक्सरे टेक्नीशियन केके सिंह से एक्सरे न होने का कारण पूछने पर उन्हाेंने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि भइया जब बिजली ही नहीं है, तो मै क्या करूं? जब बिजली आएगी तभी एक्सरे हो सकेगा। जनरेटर चलाने के बाबत कहा तो बोले जनरेटर के लिए डीजल ही नहीं है जब तक बिजली नहीं आएगी, एक्सरे नहीं हो सकता।


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