प्रशासनिक उदासीनता से शुरू नहीं हो सका अतिक्रमण अभियान

Mahoba Updated Wed, 23 May 2012 12:00 PM IST
चरखारी (महोबा)। शासन के आदेश पर चलाया जाने वाला अतिक्रमण अभियान प्रशासनिक उदासीनता के कारण शुरू नहीं कराया जा सका। पालिका प्रशासन ने महज मुनादी कराकर औपचारिकता पूरी कर ली जिससे अतिक्रमणकारियाें के हौसले बुलंद हो गए हैं। हालत यह है कि सरकारी भूमि, भवन, पहाड़ाें, तालाबाें, मंदिराें और मकबराें सहित सड़क की पटरियाें को भी अतिक्रणकारियाें ने नहीं बख्शा। प्रशासन भी इस मुद्दे पर मौन धारण किए है।
बुंदेलखंड के कश्मीर कहे जाने वाले देसी राज्य की राजधानी रहे चरखारी नगर में ऐतिहासिक इमारतें, तालाबाें, झीलाें, मंदिराें की श्रंखला है। ऐतिहासिक धरोहरों एवं विरासत को बचाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। भूमाफिया यहां लंबे समय से सक्रिय हैं जिस कारण अवैध कब्जे सरकारी जमीनाें पर बने हुए हैं। सपा शासन ने सभी जिलाधिकारियाें को शासनादेश भेजकर सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के आदेश किए थे लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने इस मामले को महज मुनादी कराकर ठंडे बस्ते में दफन कर दिया। हालत यह है कि सड़क पटरियाें, सरकारी भूमि, भवनाें, मंदिराें, पहाड़ों, तालाबाें पर अवैध कब्जे नहीं हटे हैं। पालिका प्रशासन के इस रवैये से अतिक्रमणकारियाें के हौसले बुलंद हैं। ईओ शिवजी पांडेय का कहना है कि बगैर प्रशासनिक सहयोग के अतिक्रमणकारियाें के खिलाफ अभियान नहीं चलाया जा सकता।

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