नौ माह में दूसरी बार अस्पताल में गोलीकांड

Mahoba Updated Mon, 21 May 2012 12:00 PM IST
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महोबा। जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम नहीं हैं। यही वजह है कि नौ माह के अंदर अस्पताल में गोली चलने की दूसरी घटना घटी है। अब तक अस्पताल में हुए गोलीकांड में दो लोगाें की मौत हो चुकी है।
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अगस्त 2011 में शहर के मोहल्ला नयापुरा नैकाना निवासी नीरज अहिरवार का मोहल्ले के ही राकेश अहिरवार से झगड़ा हो गया था। तब राकेश ने अपने साथियाें के साथ हमलाकर नीरज को लहूलुहान कर दिया था। बीच बचाव को आई बहन गुड्डन को भी घायल कर दिया था। भाई-बहन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के कोई इंतजाम न होने पर राकेश, सुनील, राजकुमार ने अगले दिन अस्पताल पहुंचकर वार्ड के अंदर गोली मारकर नीरज की हत्या कर दी थी।
भाई पर गोली चलने से घबराकर अस्पताल में भर्ती बहन गुड्डन भागकर बाथरूम में छिप गई थी। हमलावराें ने दरवाजा तोड़कर उसकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोहरे हत्याकांड के बाद कुछ दिन तक अस्पताल में पुलिस बल तैनात भी रहा। लेकिन फिर हटा दिया गया। नतीजतन नौ माह बाद रविवार को ग्राम बिलखी में दो गुटाें में हुए झगड़े के बाद डॉक्टरी परीक्षण कराने के बाद एक गुट ने लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। जिससे स्वास्थ्य कर्मी फूलचंद्र व बिलखी निवासी ग्रामीण रतन घायल हो गए।
गोलीकांड के बाद गांव में पुलिस बल तैनात
श्रीनगर (महोबा)। रविवार को जिला अस्पताल में हुए गोलीकांड प्रकरण को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से लेकर सुरक्षा की दृष्टि से ग्राम बिलखी में पुलिस बल तैनात कर दिया है। साथ ही दबिश देकर ग्राम प्रधान बिलखी को गिरफ्तार कर लिया।
अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार मिश्रा और सीओ सदर अशोक कुमार ने थाना श्रीनगर के ग्राम बिलखी गांव पहुंचकर जायजा लिया। गांव में प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच हुए झगड़े से तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया। साथ ही थानाध्यक्ष श्रीनगर प्रवीण कुशवाहा और थानाध्यक्ष अजनर भास्कर मिश्रा को शेष हमलावराें की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी।
रेंजर शिकायत पर कार्रवाई करते तो न होता गोलीकांड
श्रीनगर (महोबा)। थानाक्षेत्र के ग्राम बिलखी नर्सरी के काटे गए पेड़ों की शिकायत पर वन क्षेत्राधिकारी महोबा द्वारा कार्रवाई न करना गोलीकांड का कारण बन गया।
गौरतलब है कि ग्राम बिलखी की नर्सरी से गांव के पूर्व प्रधान देवीदीन ने पेड़ कटवा लिए थे। इसकी शिकायत ग्राम प्रधान केदार सिंह ने वन क्षेत्राधिकारी महोबा वीके जायसवाल से की थी। लेकिन वन क्षेत्राधिकारी ने मौके पर जाकर कटी लकड़ी पकड़ ली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत से पूर्व प्रधान देवीदीन नाराज हो गया और उसने रविवार को ग्राम प्रधान केदार राजपूत के पिता ब्रजगोपाल राजपूत की अपने पुत्राें के साथ मिलकर पिटाई कर दी। इससे नाराज प्रधान गुट ने भी हमला कर दिया। जिससे दोनाें गुटाें में लाठी डंडे चले और दोनाें गुट के चार लोग घायल हो गए। दोनाें गुटाें ने गांव के बाजार में झगड़े के बाद पथराव भी किया था, जिससे भगदड़ मच गई थी। ग्राम प्रधान केदार राजपूत का कहना है यदि वन क्षेत्राधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेकर पूर्व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाती तो घटना नहीं होती। सुरक्षा नहीं मिली तो ठप कर दी जाएंगी सेवाएं
महोबा। ड्यूटी दौरान अस्पताल परिसर में गोली चलने से वार्ड ब्वाय के घायल होने से नाराज राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री बीके तिवारी ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा प्रदान नहीं की गई तो स्वास्थ्य कर्मी आवश्यक सेवाएं ठप करने को मजबूर हो जाएंगे। कहा कि जिला अस्पताल में पूर्व में हुए गोलीकांड को यदि प्रशासन ने गंभीरता से लिया होता तो यह घटना नहीं घटती। उधर विधायक प्रतिनिधि नरात्तम शुक्ला ने कहा कि सार्वजनिक स्थानाें पर गोलीकांड की घटनाएं हो रही हैं। इन्हें रोकने को अस्पताल परिसर में अस्थाई पुलिस चौकी खोली जाए।

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