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21 तालिब इल्माें को आलिम, मौलवी और हाफिज की दी गई डिग्री

Mahoba Updated Fri, 18 May 2012 12:00 PM IST
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महोबा। शहर के काजीपुरा मैदान में दारूल उलूम गौसिया रिजविया में दस्तार बंदी कार्यक्रम के मौके पर 21 तालिब इल्माें को साफा बांधकर आलिम, मौलवी और हाफिज-ए-कुरान की सनद दी गई। इस मौके पर बाहर से आए मुफ्ती, आलिमाें ने खिताब कर इंसानियत के रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
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नागपुर से आए मुफ्ती अब्दुल हलीम साहब ने खिताब करते हुए कहा कि बच्चाें को हिंदी, अंग्रेजी तालीम के साथ दीनी तालीम भी दिलानी चाहिए। उन्हें अंग्रेजी कंप्यूटर में माहिर बनाइए लेकिन इसलामी शिक्षा भी दीजिए, जिससे उसे समाज में रहने का सलीका आ सके। उन्हाेंने कहा कि ये दीन ऐसा दीन है, जिसे अब अमेरिका, इंग्लैंड जैसे देशाें के लाखाें पढ़े लिखे नौजवान विश्लेषण के बाद उर्दू, अरबी पढ़ रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि एक एंटी इस्लामिक बुक अमेरिकी सेना के कार्स में शामिल कर ली गई है जो एक किस्म की इसलाम के खिलाफ खुली साजिश है। उन्हाेंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद ने 1400 साल पहले औरताें को बचाने की मुहिम चलाई थी। इससे आज दुनिया जागी है। तभी तो अब जाकर भारत सरकार बेटियाें को बचाने की अपील कर रही है।

मौलाना सैयद सहाबत अली मुरादाबादी ने कहा कि भारतीय संविधान में सभी को बोलने का अधिकार है। उन्हाेंने कहा कि इसलाम को मिटाने की अमेरिका ने नाकाम साजिश की है लेकिन वह कभी इसलाम को मिटा नहीं सकता।
उन्हाेंने कहा कि आज लोग लड़के को अहमियत देते हैं जबकि इसलाम में लड़की को अहमियत दी गई है। उन्होंने कहा कि लड़की के पैदा होने पर 40 दिन तक घराें में रहमत बरसती है। इस मौके पर मुफ्ती मोहम्मद समीउद्दीन महोबा ने खिताब करते हुए कहा कि इसलाम ने आपसी भाईचारा और मेल मिलाप का संदेश दिया है। साथ ही इसलाम ने कभी भी किसी के धर्म को बुरा न कहने की नसीहत दी है। इस मौके पर आलिम मौलाना जमालउद्दीन, कारी अबरार अहमद गोंडा ने खिताब किया। कैसर रजा जबलपुरी, शहंशाह इलाहाबादी, सैयाद औसाफ अली महोबा और कामिल महोबी ने नातिया कलाम पेश किया।
अंत में दारुल उलूम गौसिया रिजविया के मोहम्मद अकबर महोबा, अब्दुल मुबीन कुर्रही बांदा, शान आलम कालिंजर बांदा, रुस्तम अली हरहा बांदा, अब्दुल कादिर राठ हमीरपुर को आलिम की डिग्री से नवाजा गया।
इस मौके पर मोहम्मद इरशाद महोबा, मोहम्मद एहशन महोबा, मोहम्मद तनवीर नई दिल्ली, मोहम्मद अफसर टीकमगढ़, मोहम्मद इकबाल छानी हमीरपुर को मौलवी की डिग्री दी गई। इसी तरह मोहम्मद हातिम महोबा, मोहम्मद सुलेमान मऊरानीपुर, मोहम्मद शकील कर्वी, मोहम्मद सलमान छतरपुर, मोहम्मद सलमान हमीरपुर, नौशाद बिंदकी, राहत महोबा, यासीन महोबा को हाफिज की डिग्री से नवाजा गया।

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