विज्ञापन

दर्जनों बालू खनन क्षेत्र हुए बंद

Mahoba Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मप्र की बालू पर भी लटकी सुप्रीम कोर्ट की तलवार
विज्ञापन
महोबा। उप्र के बाद अब मप्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए बिना पर्यावरण आपत्ति लिए किसी भी प्रकार के बालू खनन पर रोक लगा दी है। जिससे जिले की सीमा से लगे मप्र के केन नदी घाटों से बालू की आमद बंद हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने दीपक कुमार बनाम अन्य के एक मामले में 27 फरवरी 2012 को पारित आदेश में कहा कि खनन के लिए नदियों से बालू निकासी के लिए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि भारत सरकार हर क्षेत्र के लिए अनापत्ति जारी करे। जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे और नदी तटों का पर्यावरण नियमों के अनुकूल ही खनन हो सके। इस आदेश के पहले ही बांदा जिले के केन नदी घाटों, हमीरपुर जिले के बेतवा नदी घाटों को राज्य सरकार ने बंद कर दिया था। साथ ही कहीं भी बालू खनन की अनुमति नहीं दी गई। और पर्यावरण की एनओसी केंद्र सरकार से लेना जरूरी कर दिया।महोबा जिले में बांदा और हमीरपुर की नदियों से ही बालू आती थी चूंकि कबरई मंडी से ग्रिट लेकर बांदा और हमीरपुर की ओर सैकड़ों की संख्या में ट्रक वापस खाली आते थे। ऐसी स्थिति में जिले में निर्माण कार्य के लिए बालू सस्ती दर पर आ जाती थी। दोनों जिलों से बालू की निकासी बंद होने के बाद सीमावर्ती मप्र के चंदला क्षेत्र की केन नदी से बालू आने लगी। और उप्र की नदियों से बालू बंद होते ही मप्र के बालू पट्टेदारों ने बालू के दाम बढ़ाकर दोगुने कर दिए। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन मप्र सरकार ने भी करना शुरू करा दिया है। जिससे जिले की सीमा से लगी चंदला क्षेत्र की नदियों से बालू निकासी पर राज्य सरकार ने रोक लगा दी। और बालू के दाम बढ़कर ढाई हजार रुपए सैकड़ा तक हो गए। साथ ही बालू की आमद बंद होने से जिले में चल रहे विकास कार्य भी ठप होने लगे। जिले में बन रही सीसी सड़कें, इंदिरा आवास, कांशीराम आवास योजना, डीएम आवास, अधिकारी आवास सहित सभी प्रकार के निर्माण कार्यो की गति अचानक रुक गई है।
जिले में सरकारी सीसी सड़कों के साथ भवनों का निर्माण करा रहे ठेकेदार मूलचंद्र प्रजापति, भारत सिंह, संजीव सक्सेना, अजय उपाध्याय, विनोद रिछारिया आदि ने बताया कि बालू जो भूले भटके जिले में आ जाती है तो जिले के प्रशासनिक अधिकारी अपनी हनक दिखाकर कोतवाली में बालू के वाहन बंद कर देते हैं। जिससे बालू की आमद पूरी तरह जिले में बंद हो गई है। कुलपहाड़ में आए दिन बालू के वाहन एसडीएम द्वारा बंद करने से वहां बन रही कांशीराम योजना का काम भी बंद हो गया है। शहर में भी कमोवेश यही स्थिति है।
जिला खनिज अधिकारी मुईनउद्दीन ने बताया कि उनके जिले में बालू का खनन नहीं होता। बाहर से ही बालू की आमद होती है। राजस्व चोरी के बारे में बताया कि हर विभाग उपभोग के बाद बिलों से बालू की रायल्टी का पैसा काटकर उनके विभाग में जमा कराता है। ऐसी स्थिति में उनके विभाग का कोई नुकसान नहीं होता।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Nainital

पेयजल के लिए रात में महिलाओं ने लगाया जाम

पेयजल के लिए रात में महिलाओं ने लगाया जाम

24 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: किन्नरों के घर में घुसे दबंग, फिर चीख-पुकार के साथ सामने आया ऐसा मंजर

महोबा में लगभग 40 दबंगों ने किन्नरों के एक घर पर धावा बोला और पूरा का पूरा घर तबाह कर दिया। बदमाशों ने किन्नरों के आशियाने को तोड़कर उन्हें बेघर तो किया ही साथ ही घर से लाखों की नकदी और आभूषण भी लूट ले गए।

17 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree