विज्ञापन
विज्ञापन

अलग बुंदेलखंड राज्य बने बिना विकास असंभव ः िवश्वनाथ

Mahoba Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
महोबा। अलग राज्य निर्माण के बिना बुंदेलखंड का विकास संभव नहीं है। बुंदेलखंड को प्रांत का दर्जा मिलने पर ही यहां के लोगों को उनका हक मिल सकेगा। राज्य निर्माण के संघर्ष के लिए मुंबई छोड़कर राजा बुंदेला को बुंदेली धरा पर संघर्ष करना चाहिए। प्रदेश के राजनैतिक क्षितिज पर उतरी उमा भारती को भी पृथक राज्य के लिए आंदोलन चलाने की जरूरत है। यह बात पूर्व सांसद एवं बुंदेलखंड एकीकरण समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्री शर्मा सोमवार को शहर के खनगा बाजार स्थित शिशु शिक्षा निकेतन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड अलग राज्य के सपने को साकार करने के लिए 1970 में बुंदेलखंड एकीकरण समिति का गठन किया गया। 42 वर्षों से अलग प्रांत की लड़ाई लड़ता आ रहा हूं और जब तक बुंदेलखंड अलग प्रांत नहीं बन जाता, यह लड़ाई जारी रहेगी। पृथक राज्य की इस लड़ाई में बुंदेलखंड के प्रत्येक बाशिंदे को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए बुंदेलखंड में समिति द्वारा यहां के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलकूद को विशेष महत्व दिया जा रहा है क्योंकि यह बच्चे ही बुंदेलखंड का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में सपा, भाजपा और कांग्रेस के छह प्रत्याशियों को जीत के लिए सहयोग किया। इसमें से एक सपा और एक भाजपा का प्रत्याशी विजयी भी हुआ। कहा ये प्रत्याशी विधानसभा में बुंदेलखंड अलग प्रांत की आवाज को बुलंद करेंगे।
पृथक राज्य की अनदेखी बसपा को पड़ी भारी
महोबा। पूर्व सांसद एवं बुंदेलखंड एकीकरण समिति के अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि जब बुंदेलखंड के पृथक राज्य की मांग को सत्ता पक्ष ने उपेक्षित किया, तब तब उसे पराजय का मुंह देखना पड़ा। बसपा ने चुनाव के ठीक पहले बुंदेलखंड राज्य का झुनझुना पकड़ाकर फिर से सत्ता की कमान लेनी चाही। जिसे आम जनता ने नकार दिया और उसे पराजय का मुह देखना पड़ा। श्री शर्मा सोमवार को शहर के शिशु शिक्षा निकेतन स्कूल में आयोजित बुंदेलखंड एकीकरण समिति की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने सत्ता के पांच साल पूरे होने के ठीक पहले बुंदेलखंड के लोगों को पृथक राज्य का झुनझुना पकड़ा दिया ताकि फिर से सरकार बनाई जा सके। यदि राज्य निर्माण के प्रति बसपा की नियति साफ थी तो पांच साल में राज्य के गठन की कार्रवाई पूरी क्यों नहीं कराई। भाजपा के चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि ब्राह्मण वर्ग के अच्छे मुखिया की कमी के कारण भाजपा हार गई। यदि भाजपा में कोई कद्दावर ब्राह्मण नेता पार्टी में प्रदेश की कमान संभालता तो काफी सीटें आ सकती थीं। भाजपा छोटे राज्यों की सदा पक्षधर रही है जिसके चलते झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड राज्यों का निर्माण अटल बिहारी बाजपेई ने कराया। यदि कोई भी पार्टी बुंदेलखंड राज्य का निश्चित समय सीमा में समर्थन करती उसे बुंदेलखंड वासी पूरी सीटें दे देते। एकीकरण समिति के गोपाल दत्त पांडेय ने कहा कि अन्य बुंदेलखंड स्तरीय पार्टियों की ठोस रणनीति न होने के कारण उन्हें यहां की जनता ने नकार दिया।

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

क्या आप जीवन में किसी चिंता से परेशान है? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए
ज्योतिष समाधान

क्या आप जीवन में किसी चिंता से परेशान है? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Mahoba

आज चुनावी जनसभा करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 अप्रैल को शहर के डाकबंगला ग्राउंड में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे।

23 अप्रैल 2019

विज्ञापन

अलीगढ़ के रोडवेज दफ्तर में छलके जाम, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अलीगढ़ डिपो में कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो हुआ वायरल। देखें वीडियो।

21 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election