बेटा-बेटी में भेद न करने की दी सलाह

Mahoba Updated Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST
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निबंध और भाषण प्रतियोगिता में भ्रूण हत्या ठहराई गलत
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महोबा। गर्ल्स चाइल्ड डे पर वीरभूमि राजकीय स्नताकोत्तर महाविद्यालय में निबंध और भाषण प्रतियोगिता में छात्र छात्राआें ने भ्रूण हत्या को कानूनी अपराध बताते हुए इस पर रोक लगाने पर जोर दिया।
वीरभूमि राजकीय स्नताकोत्तर महाविद्यालय की छात्रा राधिका ने कहा कि भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध है। महिलाआें को इसका खुलकर विरोध करना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टराें के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। तभी भ्रूण हत्याएं रुकेंगी। उन्हाेंने कहा कि लोग लिंग जांच कराकर गर्भ में पल रहीं बेटियाें की जन्म लेने से पहले ही हत्या कर देते हैं। जिससे देश में बेटियाें का अनुपात तेजी से घट रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए।
छात्रा अनामिका ने कहा कि लोगाें को बेटा और बेटी में भेद नहीं करना चाहिए। अब लड़कियां भी लड़काें से पीछे नहीं हैं। वह भी अंतरिक्ष की सैर कर चुकी हैं। छात्र राजेंद्र ने कहा कि ग्रामीण अंचलाें में आज भी लड़कियाें को अभिशाप माना जाता है। लोगाें को अपनी पुरानी सोच को बदलना चाहिए। इस मौके छात्रा रेखा, हेमलता, वंदना, सोनम, छात्र दीपक, प्रकाश सिंह, मनकामेश्वर, रोहित, विक्रांत आदि ने अपने विचार रखे। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीके कुरील, प्राचार्य डॉ. एएल अंसारी, डॉ. लाखन सिंह, डॉ. एके मिश्रा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एलसी अनुरागी ने किया।
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