चावल के परमिट पर नेपाल भेज रहे धान

Maharajganj Updated Tue, 21 Jan 2014 05:45 AM IST
पुरन्दरपुर। रोक के बाद भी भारतीय सीमा से धान नेपाल भेजा जा रहा है। इसे व्यापारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया जा रहा है। इसकी शिकायत डीएम और मंडलायुक्त से की गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार ने 23 फरवरी 2012 को चावल निर्यात के संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इसमें भू सीमा शुल्क स्थलों के जरिए गैर बासमती चावल के निर्यात की अनुमति दी गई है। लेकिन इस आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बड़े व्यापारी अधिकारियों से सांठगांठ कर चावल की जगह धान नेपाल भेज रहे हैं। व्यापारी सोनौली सीमा स्थित कस्टम विभाग से चावल का परमिट बनवाते हैं। उसी परमिट पर धान नेपाल भेज देते हैं। नियम के मुताबिक केवल पशुओं के आहार के लिए ही पांच किलोग्राम के धान के पैकेट ले जाने की अनुमति है। इसकी शिकायत समाजसेवी चन्द्रप्रकाश मिश्र ने डीएम और मंडलायुक्त को पत्र भेजकर की है। उन्होेंने इस पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस बाबत एसडीएम सुरेश प्रसाद शर्मा का कहना है कि धान निर्यात का मामला संज्ञान में आया है। अगर चावल की जगह धान का निर्यात हो रहा है तो उच्चाधिकारियों को सूचित कर कार्रवाई की जाएगी। कस्टम सुपरिंटेंडेंट आरएस शर्मा का कहना है कि प्रतिबंध धान के बीज भेजने पर है धान पर नहीं।

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