छह घंटे में जारी कर दिया जाति प्रमाण पत्र

Maharajganj Updated Tue, 22 Oct 2013 05:39 AM IST
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सिद्धार्थनगर। एक तरफ जहां लोग आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र पाने को सप्ताह और माह भर तहसील कार्यालयों के चक्कर काटते रहते है, वहीं एक मामले में मात्र छह घंटे के अंदर बांसी तहसील क्षेत्र के एक व्यक्ति को पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। वो भी तब जब उसने इसके लिए आवेदन ही नहीं किया हो। ऐसा ही आरोप लगाते हुए ग्राम सीहाझूड़ी निवासी रामनाथ डीएम से उक्त जाति प्रमाण पत्र फर्जी बताते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
बांसी तहसील क्षेत्र के ग्राम सीहाझूड़ी निवासी रामनाथ ने 26 जुलाई 2013 को पिछड़ी जाति का प्रमाण पाने को आवेदन किया। उसी दिन उसके आवेदन पर हल्का लेखपाल, राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट लगने के साथ ही उसे जाति प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया। वह भी तब जबकि रामनाथ ने आवेदन ही नहीं किया। इसके बाद रामनाथ गोड़ ने डीएम को दिए पत्रक में कहा है कि हम अनुसूचित जनजाति गोड़ धुरिया जाति के है और इस बावत तहसील बांसी से 31 जुलाई 2008 को हमारा जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ है। गांव के ही एक व्यक्ति पर मारपीट करने के मामले में हमने दलित उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराया है। उक्त विपक्षी के साथ मिलकर मेरा जाति प्रमाण पत्र निरस्त कराने के लिए फर्जी तरीके से आवेदन देकर मेरे नाम से पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र मात्र एक ही दिन में जारी कर दिया गया। मामला यह है कि रामनाथ के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र पर हुई आपत्ति के मामले में जिला स्तरीय समिति में सुनवाई जारी है और उसका जाति प्रमाण पत्र अभी निरस्त भी नहीं किया गया है। इसी बीच उसका पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र जारी होना संदेह पैदा करता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच के लिए डीएम ने एसडीएम बांसी को निर्देशित किया है।
एक घंटे में जारी हो सकता है प्रमाण पत्र -तहसीलदार
तहसीलदार बांसी ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि अगर तथ्य सही है तो जरूरत के अनुसार एक या दो घंटे में भी जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र जारी हो सकते है। जहां तक रामनाथ के आरोप की बात है तो उसके हस्ताक्षर से फोटो लगे आवेदन पर ही उसे पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। जाति के मामले की जांच में उसके परिजन व रिश्तेदारों की छानबीन करने पर साबित हो गया है कि वह कहार जाति का है और फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया है। जिसकी रिपोर्ट भी हमने जिला स्तरीय जांच समिति को भेज दी है।
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