संस्थागत प्रसव नहीं कराने वाली आशाएं होंगी बाहर

Maharajganj Updated Mon, 06 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
महराजगंज। प्रोत्साहन राशि देने के बावजूद संस्थागत प्रसव में संतोषजनक परिणाम नहीं आने पर स्वास्थ्य विभाग ने आशाओं पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन

सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कुल 1998 आशाएं हैं। मातृ और शिशुु मृत्यु दर कम करने के लिए सरकार संस्थागत प्रसव कराने पर जोर दे रही है। इसके लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत आशाओं को छह सौ रुपये, ग्रामीण जच्चा को 1400 और शहरी जच्चा को 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके बावजूद संस्थागत प्रसव में संतोषजनक परिणाम नहीं मिल रहा है। कुछ आशाएं अधिक कमीशन के चलते निजी अस्पतालों में प्रसव करा रही हैं। इतना ही नहीं आशाएं गर्भवती महिला पर निजी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए दबाव बना रही हैं। इसकी शिकायत भी मिली है। उन्होंने बताया कि ऐसी आशाओं को चिह्नित कर सेवा समाप्त की जाएगी। इसके लिए सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधिकारी तथा प्रभारी चिकित्साधिकारियों ने नेतृत्व में टीम का गठन का किया गया है। क्षेत्र में किस महिला का कहां प्रसव कराया गया है, इसकी जांच कर टीम रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को देगी। इसके साथ ही जो आशा फील्ड वर्क से परहेज कर रही हैं, उन्हें भी बाहर किया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि निजी अस्पतालों में प्रसव की जानकारी लेने के लिए 10 मई से डिप्टी सीएमओ, एसीएमओ के नेतृत्व में छापेमारी अभियान शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X