शशिकला को कौन बनेगा सहारा

Maharajganj Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
निचलौल/झुलनीपुर। बस हादसे ने कई लोगों की दुनिया उजाड़ दी। किसी का सहारा छिन गया तो किसी के सिर से ममता का साया उठ गया। एक परिवार तो ऐसा है, जिस घर में सिर्फ एक ही सदस्य बचा है। उनका सहारा कौन बनेगा कहा नहीं जा सकता।
निचलौल कस्बे के बरगदवां वार्ड निवासी रामबेलास के दो लड़के बैजनाथ और जयनाथ त्रिवेणी के लिए निकले थे। साथ में बहू दुर्गावती भी थी। तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। अब 65 साल की उम्र में रामबेलास को कुछ सूझ नहीं रहा है। बुढ़ापे में उसका सहारा कौन बनेगा? दोनों लड़के मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। रामबेलास भी उनकी मदद करने के लिए पल्लेदारी करते थे। बेटों की मौत से उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
इसी तरह बदकिस्मती कांग्रेस के परिवार के साथ भी हुई। जवानी में पहुंचने से पहले ही कांग्रेस के मां-बाप की मौत हो गई थी। उसने करीब दो महीने पहले निचलौल कस्बे के कोर्ट वार्ड मोहल्ले में शादी की। उसकी पत्नी शशिकला विदा होकर उसके घर पहुंची। शशिकला की मां भी काफी पहले मर चुकी है। लिहाजा कांग्रेस ने उसे पति के साथ ही मां का प्यार भी देना शुरू किया था। लेकिन नीयत को कुछ और ही मंजूर था। इसके चलते शशिकला की मांग सूनी हो गई। उसके घर में कोई नहीं बचा है। शशिकला की पहाड़ सी जिंदगी कैसे कटेगी?

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

14 साल के इस बच्चे ने कराई चार कैदियों की रिहाई, दान में दी प्राइज मनी

14 साल के आयुष किशोर ने चार कैदियों की रिहाई के लिए दान कर दी राष्ट्रपति से मिली प्राइज मनी।

22 जनवरी 2018

Related Videos

आलू किसानों पर यूपी के कृषि मंत्री का बड़ा बयान

यूपी में आलू किसानों की हालत क्या है इससे पूरा देश वाकिफ है। यूपी के अलग-अलग शहरों में सड़कों पर आलू फेंके जाने की तस्वीरें सामने आती हैं। ऐसे में यूपी के कृषि मंत्री ने ये आश्वासन दिया है कि आलू किसानों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।

20 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper