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नहर की औपचारिकता सफाई से डूबे किसानों के खेत

Jhansi Bureauझांसी ब्यूरो Updated Thu, 14 Nov 2019 01:36 AM IST
नहर ओवरफ्लो होने से खेतों में भरा पानी।
नहर ओवरफ्लो होने से खेतों में भरा पानी। - फोटो : LALITPUR
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डोंगरा खुर्द। नहर में सफाई के नाम पर की जा रही औपचारिकता से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। नाराहट तालाब का पानी नहर में पहुंचते ही ओवरफ्लो होकर खेतों में भर गया है। इससे किसानों के आगे जुताई की समस्या खड़ी हो गई है। किसान गीले खेत को जोत नहीं पा रहे हैं।
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रबी सीजन की फसल बुवाई शुरू हो गई है। कई बांधों की नहरें खोली जा चुकी हैं। पिछले दिनों नाराहट तालाब से निकली नहर की सफाई कराने के नाम पर औपचारिकता की गई है। आलम यह है कि नहर में अभी भी जगह-जगह झाड़- झक्कड़ खड़े हुए हैं। इसके चलते नहर का पानी ओवरफ्लो हो गया और किसानों के खेतों में पानी भर गया। खेतों के गीले होने से कई किसानों के लिए अब जुताई मुश्किल हो गई। किसानों का आरोप है कि नहर का पानी ओवर फ्लो होकर नहर के दोनों ओर खेतों में भर रहा है। खेतों से बहकर पानी खड़िया नदी में पहुंच रहा है, जिससे पानी की बर्बादी हो रही है।
नाराहट तालाब से दो नहरें निकलीं है। दोनों नहरों में नाममात्र की सफाई हुई है। कुछ किसान खेतों में पलेवा के लिए पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।
नहर की सफाई नहीं होने से करीब एक एकड़ खेत में पानी भरा हुआ है। अब खेत का पानी सूखने में 10 दिन लग जाएंगे। जिससे बुवाई के लिए देर हो रही है। कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
- राज पटैरिया, किसान
नहर का पानी खेत तक नहीं पहुंच रहा है। नहर पर पंपसेट रखकर खेत का पलेवा करने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें लागत ज्यादा आ रही है। विभागीय अफसरों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- फूलचंद्र, किसान
पांच दिन से पानी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ऊपर पानी बर्बाद हो रहा है। हम लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं। अगर पंप सेट को किराए से लेकर सिंचाई का कार्य कराते हैं तो दो सौ रुपये प्रति घंटे का खर्च आ रहा है। इसका इंतजाम करने में दिक्कत हो रही है।
- धनु कुशवाहा, किसान
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क्षेत्रीय अवर अभियंता से बात कर स्थिति की सही जानकारी प्राप्त करेंगे। यदि पानी ओवरफ्लो हो रहा है तो नहर में पानी कम किया जाएगा।
- विनोद कुमार, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड
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नहर की सफाई का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। जेसीबी मशीन चली गई थी, इसलिए काम पूरा नहीं हो पाया है। यदि मशीन नहीं आती है तो इस कार्य को मजदूरों से कराया जाएगा।
- हरीराम, अवर अभियंता, सिंचाई खंड
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