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निजी बस संचालक नियमों को ताक पर रखकर करा रहे यात्रा

Jhansi Bureau Updated Sat, 10 Nov 2018 02:25 AM IST
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नियमों को ताक पर रखकर दौ़ड़ रहीं हैं बसें
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सीटों पर बिठाने के अलावा खड़ी करके ले जाई जाती हैं सवारियां
फोटो- 05
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले में संचालित निजी बसें मानक को ताक पर रखकर सड़क पर दौड़ रहीं हैं। निजी बसों में क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाना आम बात है। इतना ही नहीं कुछ सवारियों को छत पर तो कुछ को गेट पर लटक कर सफर कर रहीं हैं। इन बसों में सवारियां जान जोखिम में डालकर सफर कर रहीं हैं। आए दिन घटनाएं होने के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर नजर अंदाज बने हुए हैं।
जिले की यातायात व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो पा रही हैं। आज भी कई मार्गों पर बसों का अभाव बना हुआ है तो कई मार्गों पर एक या दो बसों को ही परिचालन होता है। ऐसे क्षेत्रों में बसों की कमी के चलते एक ही बस में सफर करने के लिए मजबूर हैं। वर्तमान समय में जिला मुख्यालय पर स्थित बस स्टैंड से लगभग डेढ़ सौ से अधिक बसों का संचालन होता है। इनमें कई बसें मध्यप्रदेश के जिला सागर, टीकमगढ़, दतिया, अशोक नगर, छतरपुर के लिए जाती है, तो वहीं अन्य जिलों के लिए भी बसों को संचालन किया जा रहा है। साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें कई क्षेत्रों में तो केवल एक ही बस का संचालन होता है। इसके चलते मजबूर होकर सफर करना पड़ता है। ऐसी भरी बसों में महिलाओं व बच्चों को बस के अंदर तो कर लिया जाता है। लेकिन, बैठने के लिए सीट नहीं मिलती है। वहीं, पुरुषों को युवाओं को बस की छत पर बिठा लिया जाता है, जिससे इन बसों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहतीं है। इन बसों में यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। लेकिन, संबंधित विभाग की अनदेखी का फायदा निजी बस संचालक उठा रहे हैं।
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सचल दल निभा रहा सिर्फ औपचारिकता
वर्तमान में सड़कों पर बसों में छत पर बिठाकर सफर कराया जा रहा है। लेकिन, इनके खिलाफ न तो कोई बड़ा अभियान चलाया जाता है और न ही ऐसे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती है। परिवहन विभाग द्वारा नियमों का पालन कराने के लिए जगह-जगह चौराहों पर पुलिस कर्मी तैनात होते हैं। वहीं, एआरटीओ विभाग का सचल दस्ता सड़क पर दौड़ता रहता है। इसके बाद भी मौत के वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं।
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जांचकर कार्रवाई की जाएगी
जिले में मानक से अधिक सवारियां ले जाने वाली बसों की जांच की जाएगी। यदि संख्या से अधिक सवारियां पाई जाती है तो ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार
एआरटीओ ललितपुर

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