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झोलाछाप डाक्टर और क्लीनिकों की आई बाढ़

Jhansi Bureau Updated Thu, 17 May 2018 01:28 AM IST
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झोलाछाप डाक्टर और क्लीनिकों की आई बाढ़
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पिछले दिनों झोलाछाप के कारण युवक की हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
जाखलौन (ललितपुर)।
कस्बे में झोलाछाप और गैर पंजीकृत अस्पतालों की भरमार हो गई है। लगातार इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है इनमें कई डॉक्टर जो अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के नाक के नीचे अवैध व्यवसाय कर जन जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं कुछ महीनों पहले एक झोलाछाप के इलाज से एक मरीज की मृत्यु हो गई थी। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी और आईजीआरएस में दर्ज कराई गई। इसके बाद भी पीड़ित परिवार को आज तक न्याय नहीं मिल पाया।
प्रदेश और विकास के अंतिम छोर पर बुंदेलखंड का यह धोर्रा जाखलौन क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने के साथ.साथ शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भारी शोषण का शिकार है। इस क्षेत्र में इमारती पत्थर खनन का मुख्य कार्य होने के कारण इस क्षेत्र की बहु संख्यक आदिवासी अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ी जाति के लोग इमारती पत्थर खनन कार्य से ही रोटी रोजी चलाते हैं ऐसी स्थिति में उन्हें पत्थरों से निकलने वाली डस्ट ;सिलिका द्धसे सिलिकोसिस नाम की बीमारी हो जाती है यही बीमारी यहां के चिकित्सकों को अवैध कमाई का बहुत बड़ा जरिया बन जाती है और पूरे क्षेत्र के बंगाली झोलाछाप और गैर पंजीकृत लोग यहां झोलाछाप अस्पताल खोलकर और गांव गांव में जाकर अवैध चिकित्सा करते हैं इन चिकित्सकों के इलाज से कई लोग असमय ही काल कवलित हो जाते हैं ।इन्हें दवाई के नाम पर दर्द और नींद की प्रतिबंधित दवाइयां दे दी जाती है भोले भाले मासूम ग्रामीण मजदूर यह समझते हैं कि उनके मरीज को रोग से राहत मिली है और धीरे.धीरे करके यह गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं और कालकवलित हो जाते हैं क्षेत्र के कई डॉक्टरों को पहले स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में पकड़ा गया है अवैध पंजीकृत दवाइयां जप्त हुई है और उन्हें जेल भी भेजा गया है इसके बावजूद यह क्षेत्र अवैध चिकित्सकों की पनाहगाह बना हुआ है यहां कई ऐसे झोलाछाप है जो कई बरस पहले खाली हाथ आए थे आज करोड़पति बने हुए हैं इनके पास इतनी बेनामी संपत्ति है कि इन्हें किसी कार्यवाही का कोई असर नहीं होता है ।कई झोलाछाप चिकित्सकों को क्षेत्र के प्रभावशाली दबंग लोगों का संरक्षण प्राप्त है उन्हीं के संरक्षण में इनका अवैध कारोबार जारी है। आज भी क्षेत्र के झोलाछाप चिकित्सक एक ही सिरिंज से कई मरीजों को बिना स्टरलाइज किए इंजेक्शन लगाते हुए देखे जा सकते हैं। क्षेत्रीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इन अवैध झोलाछाप चिकित्सकों की जांच कराई जा कर इन के विरुद्ध जिला बदर की कार्यवाही की जाए ताकि इस जनपद में इनका अवैध कारोबार बंद हो और लोगों को शोषण से मुक्ति मिल सके।

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