एबीआरसी के नवीनीकरण को लेकर आगे आया शिक्षक संघ

Lalitpur Updated Thu, 08 May 2014 05:31 AM IST
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ललितपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सहसमन्वयकों के नवीनीकरण को लेकर अफसरों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बुधवार को जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में संघ ने डायट प्राचार्य व बीएसए को ज्ञापन दिया। संघ ने कहा कि सहसमन्वयकों का नवीनीकरण नहीं करने पर संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा।
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ब्लाक संसाधन केंद्रों में कार्यरत सह समन्वयकों का तीन वर्षीय कार्यकाल अगले सप्ताह समाप्त हो रहा है। अब उनके नवीनीकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ विभागीय अफसरों समेत कई शैक्षिक संघ नवीनीकरण मामले में एक मत नहीं हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पहले ही नवीनीकरण की प्रक्रिया पर अपना विरोध दर्ज करा चुका है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इनसे हटकर अधिकारियों पर नवीनीकरण को लेकर दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया है। बुधवार को जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया व जिला मंत्री कैलाश नारायण तिवारी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने डायट प्राचार्य शिवलाल व बीएसए विनोद मिश्र को ज्ञापन दिया है। इसमें कहा गया कि सहसमन्वयकों का तीन वर्षीय कार्यकाल कार्य व्यवहार संतोषजनक होने पर अनुमोदनोपरांत बढ़ाया जा सकता है। ऐसा नहीं होने पर संगठन पुरजोर विरोध करने को बाध्य हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में अरूण गोस्वामी, रामकुमार पाठक, संजय सैनी, देवेंद्र जैन, रामकिशोर दीक्षित, आशीष मिश्रा, मु. यूनुस, आलोक गुप्ता, सुरेंद्र पटैरिया, शालिगराम शर्मा आदि शामिल रहे।
परीक्षा देने में छूट रहा पसीना
ललितपुर। सहसमन्वयकों के चयन को 40 अंकों की लिखित परीक्षा कराए जाने का प्रावधान है। 20 अंक अंक तालिकाओं के व 20 अंक शिक्षण अनुभव के दिए जाते हैं। इसके पश्चात 10 अंक का साक्षात्कार होता है। इस परीक्षा में अव्वल आने वाले परीक्षार्थियों को ब्लाक संसाधन केंद्र पर काम करने का मौका मिलता है। परीक्षा टालकर तमाम लोग सह समन्वयक बने रहना चाहते हैं।
काबिल शिक्षकों को मिले अवसर
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में अंदरखाने सहसमन्वयकों की परीक्षा कराए जाने के लिए लाबिंग शुरू हो गई है। अधिकतर शिक्षक परीक्षा कराए जाने के पक्ष में एकत्रित हो रहे हैं। उनका कहना है कि इससे काबिल शिक्षकों को आगे आने में मदद मिलेगी। नवीनीकरण करके अफसरों को लकीर नहीं पीटनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि संघों के नेता समय- समय पर इनके कामकाज पर सवालिया निशान लगाते रहे हैं।
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